Delhi की सीमाओं पर किसान महापंचायत को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात, सिंघू बॉर्डर पर कई किसान हिरासत में
Delhi: राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को आयोजित किसान महापंचायत में शामिल होने जा रहे किसानों को रोकने के लिए दिल्ली और हरियाणा पुलिस ने सख्त इंतजाम किए। इस दौरान सिंघू बॉर्डर पर कम से कम चार किसानों को हिरासत में लिया गय
Delhi: राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को आयोजित किसान महापंचायत में शामिल होने जा रहे किसानों को रोकने के लिए दिल्ली और हरियाणा पुलिस ने सख्त इंतजाम किए। इस दौरान सिंघू बॉर्डर पर कम से कम चार किसानों को हिरासत में लिया गया, जबकि शंभू, सिंघू और मार्कंडा बॉर्डर पर सैकड़ों अन्य किसानों को पुलिस ने रोका। यह विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ ‘देश बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले किया गया था।
पुलिस ने किसानों को दिल्ली में घुसने से रोकने के लिए टिकरी, सिंघू और शंभू जैसे मुख्य बॉर्डर पर भारी बैरिकेडिंग की थी। इस वजह से नेशनल हाईवे बंद रहे और आम लोगों को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। सुरक्षा के लिहाज से सिंघू बॉर्डर पर पुलिस ने LRAD सिस्टम का भी इस्तेमाल किया, जो तेज आवाज निकालकर भीड़ को तितर-बितर करने का काम करता है।
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाले व्यापार समझौते से देश के खेती, डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर को नुकसान होगा, क्योंकि अमेरिकी उत्पाद सस्ते दाम पर भारतीय बाजार में आ जाएंगे। किसान संगठनों की मांग है कि इस समझौते को रद्द किया जाए और बातचीत में पारदर्शिता रखी जाए।
इस विरोध प्रदर्शन में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों के किसान शामिल हुए। किसान नेताओं ने इस बार ट्रैक्टरों के बजाय बसों और निजी वाहनों से किसान घाट जाने की योजना बनाई थी।
पुलिस कार्रवाई के दौरान BKU (चरूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चरूनी और प्रवक्ता राकेश बैंस सहित कई अन्य किसान नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर और जगदीश सिंह डल्लेवाल ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।