Maharashtra: मुंबई के एक सर्जन ने बच्चों को मोबाइल या टीवी दिखाकर खाना खिलाने की आदत पर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि इस वजह से बच्चों में Fatty Liver और Insulin Resistance जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। आजकल कई बच्च
Maharashtra: मुंबई के एक सर्जन ने बच्चों को मोबाइल या टीवी दिखाकर खाना खिलाने की आदत पर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि इस वजह से बच्चों में Fatty Liver और Insulin Resistance जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। आजकल कई बच्चे बिना स्क्रीन के खाना खत्म नहीं करते, जो उनकी सेहत और खाने के साथ उनके रिश्ते को खराब कर रहा है।
स्क्रीन पर खाना देखने से सेहत को क्या नुकसान हैं?
डॉक्टरों के मुताबिक, जब बच्चे स्क्रीन देखकर खाते हैं, तो उनका ध्यान खाने से हट जाता है। इससे उन्हें यह पता नहीं चलता कि उनका पेट कब भर गया, जिससे वे जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। इसके गंभीर परिणाम इस प्रकार हैं:
- लीवर में चर्बी जमा होना (Fatty Liver) और इंसुलिन रेजिस्टेंस
- बचपन में ही मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा
- बोलने की क्षमता और सामाजिक व्यवहार में कमी
- नींद में खलल, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता की कमी
एक्सपर्ट्स और संस्थाओं ने क्या गाइडलाइन्स दी हैं?
Indian Academy of Pediatrics (IAP) और WHO ने बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम को लेकर सख्त नियम बताए हैं। IAP ने साफ कहा है कि खाना खाते समय बच्चों को कोई भी स्क्रीन नहीं दिखानी चाहिए। उम्र के हिसाब से स्क्रीन टाइम की लिमिट नीचे दी गई है:
| उम्र |
स्क्रीन टाइम लिमिट |
| 2 साल से कम |
बिल्कुल नहीं (सिर्फ वीडियो कॉल की छूट) |
| 2 से 5 साल |
दिन में अधिकतम 1 घंटा (निगरानी में) |
| 5 से 10 साल |
दिन में 2 घंटे से कम |
अलग-अलग रिसर्च में क्या सामने आया?
गुजरात की Saurashtra University की एक स्टडी में पाया गया कि 81% बच्चों को खाना खाते समय मोबाइल की जरूरत पड़ती है। वहीं केरल में हुई एक रिसर्च के अनुसार, करीब 70% माता-पिता बच्चों को खिलाने के लिए फोन का इस्तेमाल करते हैं। पुणे और बेंगलुरु के डॉक्टरों ने भी माना है कि यह आदत बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को रोक रही है।