Lucknow: KGMU के हॉस्टलों की मेस और कैंटीन में नॉनवेज बैन, राज्यपाल की टिप्पणी के बाद प्रशासन ने जारी किया आदेश
Lucknow: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के सभी 18 हॉस्टलों की मेस और कैंटीन में अब मांसाहारी भोजन नहीं बनाया जाएगा और न ही परोसा जाएगा। यह फैसला विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंगलवार को लिया, जिसके बाद चीफ प्रोवोस्ट
Lucknow: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के सभी 18 हॉस्टलों की मेस और कैंटीन में अब मांसाहारी भोजन नहीं बनाया जाएगा और न ही परोसा जाएगा। यह फैसला विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंगलवार को लिया, जिसके बाद चीफ प्रोवोस्ट प्रो. कमल कुमार सावलानी ने सभी प्रॉक्टरों को इस आदेश का तुरंत पालन करने के निर्देश दिए हैं।
यह पूरा मामला राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निरीक्षण के बाद सामने आया। सोमवार, 13 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय के 22वें दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने तीन हॉस्टलों में नॉनवेज बनते देखा और दो हॉस्टल मेस में एक्सपायर्ड मसालों का इस्तेमाल पाया। राज्यपाल ने सीधे तौर पर प्रतिबंध नहीं लगाया था, लेकिन उन्होंने खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई में सुधार करने को कहा था। इसके बाद प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।
KGMU प्रशासन ने साफ किया है कि यह पाबंदी केवल यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित मेस और सहकारी रसोई पर लागू होगी। छात्र बाहर से मांसाहारी भोजन ऑर्डर कर सकते हैं या निजी तौर पर इसे बना सकते हैं, उस पर कोई रोक नहीं है। इस फैसले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जहाँ ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना याकूब अब्बास ने इसे यूनिवर्सिटी का आंतरिक मामला बताते हुए समर्थन किया है, वहीं कुछ वरिष्ठ शिक्षकों ने इसे छात्रों की पसंद के खिलाफ बताया है।
सपा ने इस फैसले को ‘तुगलकी फरमान’ करार देते हुए विरोध जताया है। इस विवाद के बीच यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता प्रो. के.के. सिंह और छात्र कल्याण अधिष्ठाता इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।