Lucknow के KGMU हॉस्टल मेस में नॉन-वेज पर लगी रोक, राज्यपाल के निरीक्षण के बाद प्रशासन का फैसला

Lucknow: राजधानी के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव हुआ है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अब सभी हॉस्टल मेस में मांसाहारी भोजन पकाने और परोसने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

Lucknow: राजधानी के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव हुआ है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अब सभी हॉस्टल मेस में मांसाहारी भोजन पकाने और परोसने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह फैसला उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निरीक्षण के बाद लिया गया है।

दरअसल, 14 जुलाई 2026 को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह के दौरान हॉस्टलों का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने पाया कि कुछ मेस में मांसाहारी भोजन तैयार हो रहा था। राज्यपाल ने वहां साफ-सफाई की कमी और एक्सपायर्ड मसालों के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई। उन्होंने खासतौर पर 500 से ज्यादा छात्रों वाले हॉस्टलों में खराब मसालों के उपयोग को एक गंभीर लापरवाही बताया। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर बैन लगाने को नहीं कहा था, लेकिन भोजन की क्वालिटी सुधारने और बेहतर पनीर परोसने के निर्देश दिए थे।

राज्यपाल की इन टिप्पणियों के बाद KGMU प्रशासन हरकत में आया। स्टूडेंट वेलफेयर के डीन और चीफ प्रॉक्टर की सहमति से यह आदेश जारी किया गया कि अब यूनिवर्सिटी के सभी 18 हॉस्टल मेस में नॉन-वेज नहीं बनेगा। KGMU प्रवक्ता प्रो. के.के. सिंह ने बताया कि छात्र कल्याण डीन ने मौखिक निर्देश दिए थे, जिसके बाद यह फैसला लागू हुआ।

प्रशासन ने यह साफ किया है कि यह रोक सिर्फ मेस के अंदर खाना बनाने और परोसने पर है। अगर छात्र बाहर से मांसाहारी भोजन ऑर्डर करना चाहते हैं या निजी तौर पर तैयार करना चाहते हैं, तो उन्हें इसकी अनुमति रहेगी। इस फैसले के बाद यूनिवर्सिटी में चर्चाएं तेज हैं। सपा और कांग्रेस जैसे राजनीतिक दलों ने इसे मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला कदम बताया है, वहीं कुछ छात्रों ने इसे अपने अधिकारों के खिलाफ माना है।