Lucknow के KGMU में जुलाई से होगा हृदय प्रत्यारोपण, हार्ट फेलियर के मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
Lucknow: लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में जुलाई 2026 से हृदय प्रत्यारोपण (Heart Transplant) की सुविधा शुरू होने जा रही है। इस कदम से उन मरीजों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी जिनका दिल पूरी तरह खराब हो चुका
Lucknow: लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में जुलाई 2026 से हृदय प्रत्यारोपण (Heart Transplant) की सुविधा शुरू होने जा रही है। इस कदम से उन मरीजों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी जिनका दिल पूरी तरह खराब हो चुका है। अब गंभीर हृदय रोगियों को इलाज के लिए दिल्ली या दक्षिण भारत के राज्यों में नहीं भटकना पड़ेगा और वे अपने प्रदेश में ही बेहतर उपचार पा सकेंगे।
इस सुविधा के शुरू होने से मरीजों का आर्थिक बोझ भी काफी कम होगा। निजी अस्पतालों में हार्ट ट्रांसप्लांट का खर्च लगभग 1 करोड़ रुपये तक आता है, जबकि सरकारी सेटअप में यह प्रक्रिया 12 से 15 लाख रुपये में संभव हो सकेगी। इसके अलावा, KGMU ने मई 2026 में यह घोषणा की थी कि पहले पांच हृदय प्रत्यारोपण पूरी तरह निःशुल्क किए जाएंगे।
तैयारियों की बात करें तो लारी कार्डियोलॉजी में एक अत्याधुनिक एडवांस ICU तैयार किया गया है। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर, प्रशिक्षित विशेषज्ञों की टीम और जरूरी तकनीकी ढांचा पूरी तरह तैयार है। इस पूरी प्रक्रिया का संचालन कार्डियोवैस्कुलर एंड थोरेसिक सर्जरी (CVTS) विभाग करेगा।
| सुविधा/विवरण | जानकारी |
|---|---|
| शुरुआत की तारीख | जुलाई 2026 |
| संबंधित विभाग | CVTS विभाग, लारी कार्डियोलॉजी |
| निजी अस्पताल खर्च | लगभग 1 करोड़ रुपये |
| सरकारी सेटअप खर्च | 12-15 लाख रुपये |
| विशेष सुविधा | पहले 5 ट्रांसप्लांट निःशुल्क |
| अनुमति | DMET उत्तर प्रदेश से प्राप्त |
प्रो. गौरव चौधरी के मुताबिक, ओपीडी में आने वाले करीब 10 प्रतिशत मरीजों का दिल खराब होता है जिन्हें प्रत्यारोपण की जरूरत होती है। हालांकि, यह प्रक्रिया तभी शुरू होगी जब उपयुक्त डोनर हार्ट उपलब्ध होगा। ब्रेन-डेड डोनर के अंगों का मिलान रक्त समूह और हृदय के आकार के आधार पर किया जाता है और डोनर से मिलने के बाद हृदय को चार घंटे के भीतर मरीज में प्रत्यारोपित करना होता है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश में पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण अप्रैल 2026 में संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGIMS) में एक महिला का किया गया था।