UP: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के लारी कार्डियोलॉजी विभाग में एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक दर्जन से ज्यादा मरीजों को जरूरत से ज्यादा यानी 5-5 स्टेंट लगाए जाने की बात कही गई है। इस मामले में आयुष्
UP: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के लारी कार्डियोलॉजी विभाग में एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक दर्जन से ज्यादा मरीजों को जरूरत से ज्यादा यानी 5-5 स्टेंट लगाए जाने की बात कही गई है। इस मामले में आयुष्मान भारत योजना के सरकारी फंड के गलत इस्तेमाल की आशंका है, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने इसकी कड़ी जांच शुरू कर दी है।
जांच के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
KGMU के कुलपति डॉ. नित्यानंद ने इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल के लिए पांच सदस्यों की एक कमेटी बनाई है। इस टीम में डीन डॉ. के.के. सिंह, डॉ. संतोष कुमार और वित्तीय नियंत्रक शामिल हैं। जांच टीम ने लारी कार्डियोलॉजी विभाग से पिछले एक साल के दौरान हुई सभी एंजियोप्लास्टी और स्टेंट लगाने का पूरा रिकॉर्ड मांगा है।
जांच टीम किन बातों पर फोकस कर रही है?
प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या मरीजों को दोबारा भर्ती करने की वाकई मेडिकल जरूरत थी। जांचकर्ता उन मरीजों के रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं जिनकी मेडिकल हिस्ट्री पूरी नहीं मिली है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि दोबारा एंजियोग्राफी रिपोर्ट में कोई नया ब्लॉकेज था या नहीं, जिसके आधार पर दोबारा स्टेंट डालने का फैसला लिया गया।
अस्पताल में अन्य किन अनियमितताओं की जांच हो रही है?
KGMU के कई विभागों में गड़बड़ियों की जांच तेज कर दी गई है। कार्डियोलॉजी के अलावा नेत्र रोग विभाग में बाहरी दवाएं लिखने और यूरोलॉजी विभाग में करोड़ों रुपये के कैंसर दवा घोटाले जैसे गंभीर मामले भी सामने आए हैं। डॉ. के.के. सिंह ने बताया कि तथ्यों की पड़ताल की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
KGMU के हार्ट सेंटर में क्या मामला सामने आया है?
यहाँ एक दर्जन से अधिक मरीजों को 5-5 स्टेंट लगाए जाने का मामला सामने आया है, जिसमें आयुष्मान भारत योजना के फंड के दुरुपयोग की आशंका जताई गई है।
इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
कुलपति डॉ. नित्यानंद ने पांच सदस्यीय जांच समिति बनाई है, जिसमें डीन डॉ. के.के. सिंह और वित्तीय नियंत्रक जैसे अधिकारी शामिल हैं।