Lucknow के KGMU में यूपी की पहली रोबोटिक सर्जरी, बिना चीरे के हुआ बच्चेदानी का सफल ऑपरेशन

Lucknow: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के क्वीन मेरी अस्पताल ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। यहाँ डॉक्टरों ने उत्तर प्रदेश में पहली बार रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल कर बिना किसी चीरे के बच्चेद

Lucknow: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के क्वीन मेरी अस्पताल ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। यहाँ डॉक्टरों ने उत्तर प्रदेश में पहली बार रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल कर बिना किसी चीरे के बच्चेदानी (हिस्टरेक्टॉमी) का सफल ऑपरेशन किया है। यह सर्जरी 22 जुलाई 2026 को की गई थी, जिसकी जानकारी अब सार्वजनिक की गई है।

यह ऑपरेशन गोरखपुर की रहने वाली 51 साल की शशिकला का किया गया। मरीज को गर्भाशय से लगातार खून बहने की समस्या थी। उनका वजन ज्यादा होने के कारण साधारण सर्जरी में काफी दिक्कत आ सकती थी, इसलिए डॉक्टरों ने रोबोटिक सर्जरी करने का फैसला लिया। डॉक्टरों के मुताबिक, यह यूपी के किसी भी सरकारी संस्थान के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग द्वारा की गई पहली रोबोटिक सर्जरी है। मरीज अब तेजी से ठीक हो रही हैं और उन्हें जल्द ही छुट्टी दे दी जाएगी।

इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व विभागाध्यक्ष डॉ. अंजू अग्रवाल ने किया। सर्जिकल टीम में डॉ. स्मृति अग्रवाल, डॉ. शालिनी सिंह, डॉ. अनन्या, डॉ. शांभवी, सिस्टर नीता और मनीष शामिल थे। साथ ही एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. विनीता, डॉ. नीलकमल, डॉ. निधि सिंह और डॉ. गोविंद अग्रवाल ने मदद की। ओटी टीम से सिस्टर रीता, मुस्कान और नेहा ने अहम भूमिका निभाई। केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने पूरी टीम को इस सफलता के लिए बधाई दी है।

बता दें कि यह ऑपरेशन सीएसआर (Corporate Social Responsibility) फंड की मदद से किया गया था। केजीएमयू में रोबोटिक सेवाओं को लगातार बढ़ाया जा रहा है। इससे पहले अप्रैल 2026 में पित्त नली की मरम्मत के लिए भी रोबोटिक सर्जरी की गई थी। संस्थान ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत दा विंची रोबोटिक सर्जरी सिस्टम शुरू किया है। कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने बताया कि इस मॉडल के तहत पहली 200 रोबोटिक सर्जरी मुफ्त की जाएंगी, ताकि राज्य के लोगों को सबसे सस्ती रोबोटिक सुविधा मिल सके।