UP: लखनऊ के KGMU लिंब सेंटर स्थित HRF स्टोर के बाहर करीब पांच लाख रुपये की जीवन रक्षक दवाएं खुले में पड़ी मिली हैं। यह मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और दवा वितरण प्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इनमें से कई दवा
UP: लखनऊ के KGMU लिंब सेंटर स्थित HRF स्टोर के बाहर करीब पांच लाख रुपये की जीवन रक्षक दवाएं खुले में पड़ी मिली हैं। यह मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और दवा वितरण प्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इनमें से कई दवाएं जून 2026 में एक्सपायर होने वाली थीं, जिन्हें समय पर बांटा या वापस नहीं किया गया।
जांच के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak के निर्देश पर यूपी सरकार ने तीन सदस्यों की एक हाई लेवल कमेटी बनाई है। इस कमेटी में मेडिकल एजुकेशन के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, डायरेक्टर जनरल और स्पेशल सेक्रेटरी शामिल हैं। इस टीम को दो कार्य दिवसों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी। KGMU प्रवक्ता Prof. K.K. Singh ने कहा है कि लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
किन कर्मचारियों पर गिरी गाज?
दवा वितरण में गड़बड़ी के चलते प्रशासन ने अब तक कई लोगों पर एक्शन लिया है। Prakash Singh, Hemant Srivastava और Sachin Tiwari नाम के तीन कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। वहीं, LP काउंटर IPD के स्थायी फार्मासिस्ट Arshad Wasi को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा, यूरोलॉजी विभाग के पूर्व HOD Dr. Apul Goel को भी उनके पद से हटा दिया गया है।
आगे की कार्रवाई और ऑडिट की योजना
KGMU अब उन सभी विभागों का ऑडिट कर रहा है जहां कीमोथेरेपी की दवाएं दी जाती हैं। इसमें मेडिकल ऑन्कोलॉजी और रेडियोथेरेपी जैसे कैंसर यूनिट शामिल हैं। प्रशासन अब दवाओं के वितरण के लिए OTP बेस्ड वेरिफिकेशन सिस्टम जैसे डिजिटल तरीकों पर विचार कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी चोरी या लापरवाही न हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
KGMU में दवाओं के मामले में क्या लापरवाही हुई है?
HRF स्टोर के बाहर 5 लाख रुपये की दवाएं फेंकी हुई मिलीं। नियम के मुताबिक एक्सपायरी से 3 महीने पहले दवाएं कंपनियों को लौटानी होती हैं, लेकिन यहाँ ऐसा नहीं किया गया।
इस पूरे मामले की जांच कौन कर रहा है?
उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak के आदेश पर सरकार ने तीन सदस्यों की हाई लेवल कमेटी बनाई है, जो दो दिन में रिपोर्ट देगी।