Kerala में T.G. Mohandas पर FIR, दिल्ली के जंतर मंतर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विवादित बयान पर मामला दर्ज

Kerala: हिंदुत्व विचारक T.G. Mohandas के खिलाफ केरल पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने मामला दर्ज किया है। उन पर दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने का आरोप है। यह कार्रवाई बुधवार, 29 जु

Kerala: हिंदुत्व विचारक T.G. Mohandas के खिलाफ केरल पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने मामला दर्ज किया है। उन पर दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने का आरोप है। यह कार्रवाई बुधवार, 29 जुलाई 2026 को ईमेल के जरिए मिली शिकायतों के बाद की गई है।

जानकारी के मुताबिक, Mohandas ने 24 और 25 जुलाई 2026 को अपने यूट्यूब चैनल ‘Pathrika’ पर कुछ वीडियो डाले थे। इन वीडियो में उन्होंने कहा कि अगर वे नियंत्रण में होते, तो कर्फ्यू लगाने और चेतावनी देने के बाद जंतर मंतर के प्रदर्शनकारियों को गोली मार देते। उन्होंने महिला प्रदर्शनकारियों के बारे में भी बेहद आपत्तिजनक बातें कहीं और उन्हें ‘वामपंथी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक’ वर्ग से जोड़ा।

इस मामले में Thiruvananthapuram साइबर पुलिस ने क्राइम नंबर 95/2026 दर्ज किया है। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192 और 353(1)(b), आईटी एक्ट की धारा 66 और केरल पुलिस एक्ट की धारा 120(o) के तहत केस चलाया जा रहा है। ये धाराएं दंगों के लिए उकसाने, सार्वजनिक शांति भंग करने और कंप्यूटर संबंधी अपराधों से जुड़ी हैं।

केरल के गृह मंत्री Ramesh Chennithala ने इस मामले की जांच के आदेश दिए थे, जिसकी जिम्मेदारी साइबर सेल के IG P Prakash को सौंपी गई है। इस विवाद के बाद RSS ने खुद को Mohandas के बयानों से अलग कर लिया है। RSS के दक्षिण केरल के Saha Prantha Karyavah K.B. Sreekumar ने कहा कि Mohandas के विचार उनके निजी थे और वे किसी भी स्तर पर RSS के अधिकारी नहीं हैं।

दूसरी तरफ, BJP केरल की महासचिव डॉ. J. Pramila Devi ने उन्हें एक ‘स्वतंत्र विचारक’ बताया और कहा कि उन्हें अपनी राय रखने का हक है, हालांकि पार्टी उनके बयानों का समर्थन नहीं करती है। वहीं, Mohandas ने अपनी सफाई में कहा कि उनकी बातें केवल ‘व्यंग्यात्मक’ और ‘काल्पनिक’ थीं और उनके वीडियो के छोटे क्लिप्स को बिना संदर्भ के फैलाया गया है।

बता दें कि जंतर मंतर पर NEET पेपर लीक में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र प्रदर्शन कर रहे थे, जिसे Mohandas ने ‘Cockroach Janta Party (CJP) protest’ कहा था। इस मामले में SFI, AIYF, यूथ कांग्रेस और PDP जैसे संगठनों ने शिकायत दर्ज कराई थी।