Kerala में भारी बारिश और लैंडस्लाइड से तबाही, 8 लोगों की मौत और 8 लापता

Kerala: केरल में मानसून की भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आई बाढ़ और भूस्खलन (landslides) की वजह से 8 लोगों की जान चली गई है, जबकि 13 लोग घायल हुए हैं। अभी भी 8 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश क

Kerala: केरल में मानसून की भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आई बाढ़ और भूस्खलन (landslides) की वजह से 8 लोगों की जान चली गई है, जबकि 13 लोग घायल हुए हैं। अभी भी 8 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

बारिश का यह कहर 31 जुलाई की रात से शुरू हुआ और 1 अगस्त तक जारी रहा। सबसे ज्यादा असर कन्नूर जिले के अय्यनकुन्नु में देखा गया, जहां शनिवार को 320 mm तक बारिश रिकॉर्ड की गई। इस आपदा की वजह से करीब 5,800 लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राज्य भर के 209 रिलीफ कैंपों में भेजा गया है। नुकसान की बात करें तो 27 घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं और 196 घरों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है।

मौतों के कारणों में बच्चों का उफनते नालों में डूबना, इडुक्की और कोट्टायम में लैंडस्लाइड और वायनाड में करंट लगने जैसी घटनाएं शामिल हैं। IMD ने कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। रविवार को 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और सोमवार को 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है क्योंकि वहां मौसम खराब है।

मुख्यमंत्री V.D. Satheesan ने नुकसान की पुष्टि करते हुए प्रभावित परिवारों को मदद देने का वादा किया है। उन्होंने मंत्रियों को जिलों में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने को कहा है। KSDMA ने लोगों से अपील की है कि वे बिना वजह यात्रा न करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। आपदा संभावित क्षेत्रों के लोगों को दिन के समय ही कैंपों में जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए कुछ संवेदनशील रास्तों पर रात के समय ट्रैफिक बैन लगा दिया है और 9 जिलों में स्कूल बंद रखे गए हैं।

राहत कार्यों के लिए NDRF, फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज, पुलिस और कोस्ट गार्ड की टीमें तैनात हैं। स्थानीय मछुआरों की नावों को भी रेस्क्यू के लिए तैयार रखा गया है। हालांकि कई इलाकों में बारिश कम हुई है, लेकिन पथनमथिट्टा के रन्नी और अलाप्पुझा के कुट्टनाड जैसे क्षेत्रों में पानी अभी भी नहीं उतरा है। इडुक्की, पथनमथिट्टा और त्रिशूर के कुछ बिजली घरों वाले बांध अभी भी रेड अलर्ट पर हैं, जबकि अन्य बांधों के गेट बंद कर दिए गए हैं।