Kenya में स्कूल अग्निकांड का मामला पलटा, 16 छात्राओं की मौत के आरोप में 8 स्कूलgirls पर मर्डर केस दर्ज

World : केन्या के एक स्कूल में लगी भीषण आग का मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है। यहाँ के Utumishi Girls Academy सीनियर स्कूल में हुई आग में 16 छात्राओं की जान चली गई थी। अब इस मामले में पुलिस ने स्कूल की ही 8 छात्राओं पर ह

World : केन्या के एक स्कूल में लगी भीषण आग का मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है। यहाँ के Utumishi Girls Academy सीनियर स्कूल में हुई आग में 16 छात्राओं की जान चली गई थी। अब इस मामले में पुलिस ने स्कूल की ही 8 छात्राओं पर हत्या का केस दर्ज किया है।

यह दर्दनाक हादसा 28 मई 2026 को नाकुुरु काउंटी के गिलगिल इलाके में हुआ था। हॉस्टल में लगी इस आग की वजह से 16 बच्चों की मौत हो गई और 79 अन्य छात्राएं घायल हो गईं। जांच के बाद 1 जुलाई 2026 को कोर्ट में इन 8 छात्राओं पर हत्या के 16 मामले चलाए गए। सभी छात्राओं ने इन आरोपों को नकारा है।

नैरोबी की किबेरा कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज डायना कावेदज़ा ने निर्देश दिया कि इन बच्चों को ‘आरोपी’ के बजाय ‘नाबालिग विषय’ कहा जाए। कोर्ट ने आदेश दिया है कि हिरासत के दौरान उन्हें काउंसलिंग और मानसिक सहायता दी जाए। साथ ही इन बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। अब इस केस की अगली सुनवाई 22 सितंबर 2026 को होगी, तब तक ये छात्राएं Kabete Juvenile Remand Home में रहेंगी।

शिक्षा मंत्री जूलियस ओगाम्बा ने शुरुआती जांच में स्कूल की बड़ी लापरवाही सामने आने की बात कही है। रिपोर्ट के मुताबिक हॉस्टल में क्षमता से ज्यादा बच्चे थे और इमरजेंसी गेट लॉक था, जिसकी वजह से बच्चे बाहर नहीं निकल पाए। नेशनल असेंबली स्पीकर मोसेस वेटंगुला ने उन स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है जो सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।

Architectural Association of Kenya ने भी हॉस्टल के डिजाइन और निर्माण के लिए नई गाइडलाइंस का सुझाव दिया है ताकि आपात स्थिति में बच्चे आसानी से बाहर निकल सकें। केन्या के शिक्षा मंत्रालय के 2008 के नियमों के अनुसार हॉस्टलों में बाहर की तरफ खुलने वाले दरवाजे, फायर एक्सटिंगुइशर और रात में गार्ड की तैनाती अनिवार्य है, लेकिन इस मामले में इन नियमों की अनदेखी सामने आई है।