निगम के वार्ड 38 में काम करने वाले ठेकेदार को भुगतान न करने और काम न करने वाले ठेकेदारों ब्लैकलिस्टेड नहीं करने पर सोमवार को डिप्टी मेयर राजेश वर्मा व योजना शाखा प्रभारी आदित्य जायसवाल के बीच कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि वर्मा ने योजना शाखा प्रभारी को कह दिया कि यदि आप लोग ऐसे नहीं सुनेंगे तो क्या करेंगे, जनता अपना हिसाब लेगी। निगम में जनता आएगी और काम न करने वाले कर्मचारी को पीटेगी। तब समझ में आएगा।

 

शाखा प्रभारी ने निगम प्रशासन से लिखित शिकायत की है कि बोर्ड की बैठक के बाद कर्मचारियों को डिप्टी मेयर पिटवाएंगे । कर्मचारियों को सूचना मिली तो वे गुस्सा हो गए। बताया जाता है कि दोपहर 1 बजे डिप्टी मेयर ने अपने चैंबर में योजना शाखा प्रभारी आदित्य जायसवाल को बुलाया। उनसे बातचीत की। अपने वार्ड में काम करने वाले ठेकेदार को भुगतान न करने और काम न करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्टेड नहीं करने का कारण पूछा तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर डिप्टी मेयर गुस्से में आए गए। दोनों में विवाद होने लगा। इसी क्रम में डिप्टी मेयर ने कहा, अब जनता हिसाब लेगी ।

 

नगर आयुक्त पर फोड़ा ठीकरा

डिप्टी मेयर ने कहा कि बोर्ड बैठक में कर्मचारियों को एकजुट करने का नगर आयुक्त ने नया तरीका ढूंढ़ा है। ऐसा नहीं है कि निगम में सभी कर्मचारी खराब हैं। कई अच्छे हैं और वे बेहतर कर रहे हैं। मैंने पीटने की बात नहीं कही। मैंने सिर्फ यह कहा कि डेढ़ साल पहले खलीफाबाग चौक से स्टेशन चौक तक की सड़क का टेंडर हुआ तो काम क्यों नहीं हो रहा? योजना शाखा प्रभारी ने कहा कि यह आपके समय का नहीं है।

 

इसी पर उनसे सवाल किए तो उन्होंने कहा, नगर आयुक्त से पूछिए। जब आप लोग जनता का काम नहीं करेंगे तो जनता ही सीधा हिसाब लेगी। इस मामले का आवेदन देने के बाद आदित्य जायसवाल ने बताया कि डिप्टी मेयर ने मुझसे कहा था कि बोर्ड बैठक के बाद आप लोगों को पिटवाएंगे । उधर, मेयर सीमा साहा ने कहा कि डिप्टी मेयर ने मुझे बताया है कि योजना शाखा प्रभारी ने जानकारी मांगने पर ठीक से जबाव नहीं दिया।

 

यह गंभीर बात है, मर्यादा का ख्याल तो कर्मचारियों को रखना ही चाहिए। निगम में आवाज उठाने वालों को दबाने की कोशिश हो रही है।