मेयर सीमा ने बिहार चीफ़ के सामने अफ़सर आयुक्त को पिलाया पानी, 2-मिनट की कहानी वाली बात हुई सार्वजनिक

भागलपुर मेयर ने बिहार चीफ़ के सामने नगर आयुक्त को पिलाया पानी

 

नगर निगम में शनिवार को समीक्षा बैठक को आए प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद को मेयर सीमा साहा ने निगम प्रशासन के रवैये को लेकर आईना दिखा दिया। बैठक शुरू होने से ठीक दो मिनट पहले निगम प्रशासन के बुलावे पर मेयर बुके लेकर प्रधान सचिव के पास पहुंची। वहां उन्होंने स्वागत किया और कहा कि आप ऐसे ही हमारे शहर आते रहिए, शहर सुंदर हो जाएगा, और हम आपका इसी तरह स्वागत करते रहेंगे।

 

मेयर ने बताया चीफ़ को असलियत

 

सच तो यह है कि आप जिस रास्ते से आए हैं, सिर्फ वही चकाचक हैं। पर आप जिधर से जाएंगे उधर गंदगी दिखेगी। आपको दिखाने के लिए सफाई की गई, बाकी शहर तो गंदा ही रहता है। इस दौरान प्रधान सचिव ने मेयर से बैठक में शामिल होने का अनुरोध किया, पर मेयर ने कहा कि मुझे इस बैठक की सूचना नहीं मिली है। इसलिए आप बैठक करें, मैं शामिल नहीं हो सकती, दोबारा बैठक समाप्त होने के बाद आप से मिल लूंगी।

 

मेयर ने रखी ये बड़ी बात, 2 मिनट की कहानी

 

मेयर ने कहा कि 10.24 में मुझे आईटी सेल से कॉल आया और 11.32 में पीआरओ ने बताया। बैठक के दो मिनट पहले कॉल कर सूचना दी जाती है। ऐसा बार-बार किया जाता है, यही यहां का प्रोटोकॉल है।, उधर, मेयर चेंबर में बैठे स्थायी समिति सदस्य संजय कुमार सिन्हा, प्रमोद लाल, सुनीता देवी, अनिल पासवान समेत अन्य पार्षद पार्षद निगम प्रशासन को कोसते रहे।

 

 

मेयर बोलीं :

21 बिन्दुओं पर नगर आयुक्त के खिलाफ दो पन्नेकी दी गई है चिट्ठी मेयर ने कहा कि 21 बिन्दुओं पर नगर आयुक्त के खिलाफ दो पन्ने की चिट्ठी दी गई है। इसमें सरकारी नियमों को ताक पर रखकर नगर आयुक्त के आवास निर्माण में 70 से 80 लाख रुपए खर्च करने का भी मामला शामिल है। शहर की साफ-सफाई में अनियमितता, स्थायी समिति व सामान्य बोर्ड की बैठक में लिए निर्णय की कार्यवाही में मनमानी, स्मार्टसिटी की राशि बोर्ड के निर्णय के विरुद्ध दूसरे बैंक में रखी गई, जबकि एसबीआई में रखना था। स्थायी समिति व बोर्ड की बैठक समय पर नहीं बुलाई जाती है, इससे पार्षदों के आक्रोश का शिकार होना पड़ता है। जैन मंदिर रोड के नाला निर्माण से लेकर तमाम शिकायत की गई हैं।

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