नीतीश की पुरानी शराबबंदी कानून ख़त्म, हाई-कोर्ट ने आज से लागू कर दी ये, न गिरफ़्तारी, न ज़ब्ती कुछ नहीं होगा अब से…..

बिहार: शराब पीने पर अब घर के सारे वयस्क नहीं होंगे गिरफ्तार, न ही पूरा मकान जब्त होगा; सामूहिक जुर्माने का भी प्रावधान खत्म
पटना. शराबबंदी कानून के कई कड़े प्रावधानों को खत्म कर दिया गया है। जबकि, कुछ में राहत दी गई है। सोमवार को विधानसभा ने बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) विधेयक, 2018 को पारित कर दिया। मद्य निषेध व उत्पाद मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने विधेयक को विधानसभा में पेश किया। विपक्ष के वाकआउट के बीच सदन ने विधेयक को मंजूरी दे दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए संशोधन विधेयक लाया गया है। पहली बार शराब पीते पकड़े जाने की सजा को जमानती बना दिया गया है। अब घर के किसी सदस्य के शराब पीने पर 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों की बजाए सिर्फ पीने वाले को ही पकड़ा जाएगा। किसी गांव या मुहल्ले पर सामूहिक जुर्माने के प्रावधान को भी खत्म किया गया है।

दूसरी बार पकड़े जाने पर पांच साल तक कैद, 5 लाख जुर्माना: पहली बार शराब पीने पर पकड़ने जाने पर 50 हजार जुर्माना या तीन माह की सजा होगी। दूसरी बार पड़के जाने पर एक से पांच साल की सजा और एक लाख से 5 लाख तक अर्थदंड। अभी बिहार मद्य निषेध उत्पाद कानून-2016 में शराब पीते पकड़े जाने पर पांच से 10 साल की सजा का प्रावधान है। बेल भी नहीं।

होटल या प्रतिष्ठान भी सील नहीं होगा: अब अगर किसी होटल या प्रतिष्ठान में शराब पीते कोई पकड़ा गया तो अब पूरे परिसर की बजाए सिर्फ उसी कमरे को सील किया जाएगा जिसमें शराब मिलेगी। अभी शराब बरामद होने या वहां शराब पीते पकड़े जाने पर पूरे परिसर को सील करना है।

किराएदार आरोपी तो मकान मालिक पर कार्रवाई नहीं: किसी परिसर में मकान मालिक की सूचना के बिना शराब रखने पर सिर्फ किराएदार पर कार्रवाई होगी। मकान जब्त नहीं होगा। अब जानकारी के बाद भी सूचना नहीं देने पर दो वर्ष तक की सजा होगी। अभी मकान मालिक को भी 8 साल तक की सजा का प्रावधान है। मकान भी जब्त करने का उल्लेख कानून में है।

शराब बेचने पर अब उम्रकैद की सजा: मिलावटी शराब या अवैध शराब बेचते पकड़े जाने पर अब आजीवन कारावास की सजा होगी। साथ ही दस लाख रुपए तक जुर्माना भी वसूला जाएगा। अभी अधिकतम 10 साल की सजा और एक लाख जुर्माने का प्रावधान है।

हुड़दंगियों को भी आजीवन कारावास: शराब पीकर हुड़दंग करने, शराब पार्टी करने, अपने घर या प्रतिष्ठान में शराबियों का जमावड़ा करने पर अब उम्रकैद और एक से दो लाख रु. तक का जुर्माना भी होगा। अभी ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर 10 साल अिधकतम सजा का प्रावधान है।
इनपुट: DBC

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