क़तर को भारत का खुला पैग़ाम, हमारे प्रवासियों को तुरंत रिहा करे, इस कम्पनी ने फँसा रखा हैं भारतियों को

कतर में करीब 600 भारतीय श्रमिक मुश्किल में फंसे हैं। उन्हें छह महीने से तनख्वाह नहीं मिली। पैसा मांगने पर उन्हें नौकरी से हटा दिया गया। इनका वीजा खत्म हो गया है। इन मजदूरों को कतर में 2022 में होने वाले फुटबॉल विश्वकप की तैयारियों के काम में लगाया गया था। कतर की नामी कंपनी एचकेएच जनरल कॉन्ट्रेक्टिंग ने करीब 1200 श्रमिकों को विश्वकप की तैयारियों में लगाया था।

 

भारत सरकार ने इस बाबत क़तर सरकार को सीधा अल्टीमेटम भेजा हैं प्रवासियों के साथ किए गए वादों को जल्द पूरा किया जाए, और उनको सुरक्षित घर वापसी दिया जाए. भारत सरकार के नीतियों ने सप्स्ट किया हैं की भारतीय प्रवासियों के हित की सुरक्षा हर हाल में खाड़ी देशों को करनी हैं. इस मामले को लेकर अगर आप के पास कोई भी अलग जानकारी हैं तो हमारे message box या twitter पर ज़रूर रखे.

 

 

बड़ी जानकारी:

 

तमाम देशों के आव्रजन एवं सीमा सुरक्षा अधिकारी अब वीजा लेने वाले लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी नजर रखते हैं। इनके जरिए वे आवेदक की पूरी जानकारी जुटाते हैं। खासतौर पर अतिवादी संगठनों से किसी तरह का संपर्क या फिर मेजबान देश के नियमों के मुताबिक हेट स्पीच को बढ़ावा देने वाली पोस्ट पर ध्यान दिया जाता है। यदि ऐसा पाया जाता है तो वीजा के आवेदन को रद्द भी किया जा सकता है।

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