Kashmir, Bihar और UP में कुदरत का कहर, बादल फटने और बिजली गिरने से कई मौतें, 72 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

Kashmir, Bihar, UP: उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बेहद खराब है। कश्मीर के कुपवाड़ा में बादल फटने और बिहार में बिजली गिरने से कई लोगों की जान चली गई है। वहीं उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है

Kashmir, Bihar, UP: उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बेहद खराब है। कश्मीर के कुपवाड़ा में बादल फटने और बिहार में बिजली गिरने से कई लोगों की जान चली गई है। वहीं उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिससे आम जनजीवन पर बुरा असर पड़ने की आशंका है।

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लोलाब इलाके में 3 अगस्त को बादल फटने से भारी तबाही हुई। इस हादसे में 52 साल की नसीमा बेगम नाम की महिला बाढ़ में बह गई और उसकी मौत हो गई। इस घटना से इलाके के कई घर, पुल और सड़कें पूरी तरह टूट गए हैं और फसलों को भी भारी नुकसान पहुँचा है। पहलगाम, शोपियां और बांदीपोरा जैसे जिलों में भी हालात खराब रहे। खराब मौसम और रास्तों पर फिसलन की वजह से National Highway-44 पर ट्रैफिक रोक दिया गया था। IMD ने 4 और 5 अगस्त को भी भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी दी है।

बिहार में 2 और 3 अगस्त को बिजली गिरने की वजह से 8 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा नुकसान बांका जिले में हुआ, जहाँ एक पिता और पुत्र समेत छह लोगों की जान गई। जमुई और कटिहार में भी एक-एक व्यक्ति की मौत की खबर है। मरने वाले ज्यादातर लोग किसान थे जो अपने खेतों में काम कर रहे थे। बिहार सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक के दौरान घरों के अंदर ही रहें।

उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर असरदार हो गया है। IMD ने अगले 7 दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है, जिसमें 4 से 7 अगस्त के बीच पश्चिमी यूपी और नेपाल सीमा से लगे इलाकों में बहुत भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा बताया गया है। लखनऊ, कानपुर, मेरठ, वाराणसी और प्रयागराज समेत करीब 72 जिलों में मौसम विभाग ने चेतावनी दी है। 5 अगस्त को बारिश सबसे ज्यादा तेज रह सकती है। प्रशासन ने लोगों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने और जरूरी काम होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। किसानों को भी खेतों से पानी निकालने और भारी बारिश में खाद या रसायनों का इस्तेमाल न करने को कहा गया है।