Karnataka: कर्नाटक सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब इन छात्रों को Right to Education (RTE) Act के तहत कक्षा 10 तक मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा मिलेगी। मुख्यमंत्र
Karnataka: कर्नाटक सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब इन छात्रों को Right to Education (RTE) Act के तहत कक्षा 10 तक मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा मिलेगी। मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने इसकी घोषणा 6 मार्च को राज्य बजट के दौरान की थी, जिसका अब अमल शुरू हो गया है।
किसे मिलेगा इस योजना का लाभ और क्या हैं नियम?
सरकार के आदेश के मुताबिक, जिन SC/ST छात्रों ने 2025-26 शैक्षणिक वर्ष में RTE कोटे के तहत कक्षा 8 की पढ़ाई की है, वे उसी स्कूल में कक्षा 9 और 10 की पढ़ाई जारी रख सकेंगे। पात्र छात्रों को 2026-27 शैक्षणिक वर्ष में कक्षा 9 में प्रमोट किया जाएगा। Department of School Education and Literacy (DSEL) ने जिला उपायुक्तों को इस आदेश को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
फीस रिफंड और टीसी (TC) को लेकर क्या निर्देश हैं?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी अभिभावक ने कक्षा 9 में एडमिशन के लिए उसी स्कूल में पहले से फीस जमा कर दी है, तो स्कूल को वह पैसा वापस करना होगा। साथ ही, जिन छात्रों को Transfer Certificate (TC) जारी कर दिया गया था, उन्हें भी उसी संस्थान में कक्षा 9 और 10 में पढ़ने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते स्कूल में ये कक्षाएं उपलब्ध हों और माता-पिता इसके लिए तैयार हों। इस पूरी पहल के लिए सरकार ने 19 करोड़ रुपये दिए हैं और खर्च का जिम्मा Social Welfare Department उठाएगा।
प्राइवेट स्कूलों ने क्यों जताया है विरोध?
एक तरफ जहाँ SDMC Coordination Committee ने इस फैसले का स्वागत किया है, वहीं प्राइवेट स्कूलों की संस्था KAMS ने इस पर आपत्ति जताई है। KAMS के महासचिव Shashikumar D. का कहना है कि RTE Act 2009 की धारा 3 के अनुसार मुफ्त शिक्षा केवल 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए है। उनका तर्क है कि बिना कानूनी संशोधन के इस दायरे को बढ़ाना गलत है और वे इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या यह सुविधा सभी छात्रों के लिए है?
नहीं, यह सुविधा केवल उन SC/ST छात्रों के लिए है जो RTE कोटे के तहत पढ़ रहे हैं और अब उन्हें कक्षा 10 तक मुफ्त शिक्षा मिलेगी।
अगर स्कूल ने फीस ले ली है तो क्या होगा?
सरकारी आदेश के अनुसार, यदि माता-पिता ने कक्षा 9 के एडमिशन के लिए फीस दी है, तो स्कूल को वह राशि रिफंड करनी होगी।