UP, Uttarakhand और Delhi में कांवड़ यात्रा को लेकर ट्रैफिक प्लान जारी, 4 अगस्त से बंद रहेंगे दिल्ली-हरिद्वार मार्ग
UP/Uttarakhand/Delhi: कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया है। 30 जुलाई से शुरू होने वाली इस यात्रा के दौरान दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे और गंगा कैनाल रोड पर
UP/Uttarakhand/Delhi: कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया है। 30 जुलाई से शुरू होने वाली इस यात्रा के दौरान दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे और गंगा कैनाल रोड पर वाहनों की आवाजाही को लेकर कड़े नियम बनाए गए हैं। यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी न हो, इसलिए प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों की जानकारी साझा की है।
ट्रैफिक नियमों के मुताबिक, 30 जुलाई से भारी वाहनों के चलने पर रोक रहेगी। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव 4 अगस्त से 12 अगस्त के बीच होगा, जब दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे और गंगा कैनाल रोड पर सभी तरह के वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। कांवड़ियों की सुविधा के लिए हाईवे का एक हिस्सा सिर्फ उनके लिए आरक्षित रखा गया है। सुरक्षा कारणों से कांवड़ियों को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर चलने की अनुमति नहीं होगी क्योंकि यह तेज़ गति वाले वाहनों के लिए है।
प्रशासन ने डीजे और सुरक्षा को लेकर भी सख्त निर्देश दिए हैं। डीजे की ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, साथ ही आवाज 75 डेसिबल से कम रखनी होगी। किसी भी तरह के अश्लील या भड़काऊ गाने बजाने और हॉकी स्टिक, तलवार या बेसबॉल बैट जैसे हथियार ले जाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। कांवड़ शिविरों को सड़क से कम से कम 20 फीट दूर लगाने को कहा गया है।
| विवरण | नियम और समय सीमा |
|---|---|
| पूर्ण प्रतिबंध (सभी वाहन) | 4 अगस्त से 12 अगस्त तक |
| भारी वाहन प्रतिबंध | 30 जुलाई से शुरू |
| डीजे ऊंचाई और चौड़ाई | अधिकतम 12 फीट ऊंचाई और 10 फीट चौड़ाई |
| ध्वनि स्तर | 75 डेसिबल से कम |
| वैकल्पिक मार्ग | दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, EPE और NH-9 |
| स्कूल अवकाश (हरिद्वार) | 30 जुलाई से 11 अगस्त तक |
इस पूरी व्यवस्था को संभालने के लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी के निर्देश दिए हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, मेरठ और अमरोहा प्रशासन ने अलग-अलग ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किए हैं। हरिद्वार पुलिस ने मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन में बांटा है। एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाए जाएंगे। गाजियाबाद में यात्रियों की सुविधा के लिए 350 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी।