Kanwar Yatra 2026 शुरू, UP, Delhi और Haryana में ट्रैफिक डायवर्ट, श्रद्धालुओं के लिए गाइडलाइंस जारी
UP, Uttarakhand, Delhi, Haryana: आज 30 जुलाई 2026 से कांवड़ यात्रा की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। यह यात्रा 11 अगस्त तक चलेगी, जिसमें लाखों श्रद्धालु हरिद्वार, गंगोत्री और नीलकंठ महादेव जैसे पवित्र स्थानों से गंगाजल लेकर अ
UP, Uttarakhand, Delhi, Haryana: आज 30 जुलाई 2026 से कांवड़ यात्रा की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। यह यात्रा 11 अगस्त तक चलेगी, जिसमें लाखों श्रद्धालु हरिद्वार, गंगोत्री और नीलकंठ महादेव जैसे पवित्र स्थानों से गंगाजल लेकर अपने शिव मंदिरों की ओर रवाना होंगे। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और ट्रैफिक रूटों में बड़े बदलाव किए हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार ‘जीरो इंसिडेंट और जीरो एक्सीडेंट’ का निर्देश दिया है। इसके लिए मेरठ में एक इंटीग्रेटेड कांवड़ कंट्रोल रूम बनाया गया है और ड्रोन व सीसीटीवी के जरिए पूरी निगरानी रखी जा रही है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि देवभूमि में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए वाटर पुलिस और ट्रैफिक डायवर्जन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
दिल्ली और हरियाणा में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 29 जुलाई से 12 अगस्त तक भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू किया है, जिससे रिंग रोड, जी टी रोड और NH-24 जैसे रास्तों पर असर पड़ेगा। वहीं हरियाणा पुलिस ने फरीदाबाद में लगभग 2,000 जवान तैनात किए हैं और आगरा कैनाल रोड को आम वाहनों के लिए बंद रखा गया है।
श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने कुछ जरूरी नियम तय किए हैं जिनका पालन करना अनिवार्य है।
| नियम/गाइडलाइन | विवरण |
|---|---|
| पहचान पत्र | उत्तराखंड में प्रवेश के लिए आधार कार्ड जैसा सरकारी फोटो आईडी जरूरी है |
| प्रतिबंधित वस्तुएं | तेज हथियार या बहुत बड़े त्रिशूल ले जाने की मनाही है |
| आचरण | शराब, मांस, प्याज, लहसुन और तंबाकू का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित है |
| कांवड़ नियम | कांवड़ को जमीन पर रखना सख्त मना है |
| ध्वनि सीमा | DJ और साउंड सिस्टम के लिए वॉल्यूम लिमिट तय की गई है |
| दुकानें | कांवड़ रूटों पर मांस की दुकानें बंद रहेंगी और दुकानदारों को असली नाम लिखना होगा |
आम जनता की सुविधा के लिए दिल्ली सरकार ने कांवड़ शिविरों में 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का फैसला किया है। साथ ही UP और दिल्ली के स्वास्थ्य विभागों ने रास्तों और कैंपों में डॉक्टरों और एम्बुलेंस की तैनाती की है। यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने भी प्रमुख रूटों पर अतिरिक्त बसें चलाने का इंतजाम किया है।