Kanpur Metro बनी बिजनेस हब, बिना किराया बढ़ाए कमाई का नया फॉर्मूला तैयार, स्टेशनों पर खुलेंगे फूड आउटलेट्स

UP/Kanpur : कानपुर मेट्रो अब सिर्फ आने-जाने का जरिया नहीं रही, बल्कि कमाई का एक बड़ा केंद्र बन गई है। लखनऊ और आगरा मेट्रो को पीछे छोड़ते हुए कानपुर मेट्रो ने बिजनेस के मामले में नए रिकॉर्ड बनाना शुरू कर दिया है। यहां यात

UP/Kanpur : कानपुर मेट्रो अब सिर्फ आने-जाने का जरिया नहीं रही, बल्कि कमाई का एक बड़ा केंद्र बन गई है। लखनऊ और आगरा मेट्रो को पीछे छोड़ते हुए कानपुर मेट्रो ने बिजनेस के मामले में नए रिकॉर्ड बनाना शुरू कर दिया है। यहां यात्री अब सफर के साथ-साथ अपने पसंदीदा खाने-पीने का स्वाद भी ले सकेंगे।

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने एक ऐसा तरीका निकाला है जिससे आम जनता पर किराए का बोझ नहीं बढ़ेगा और मेट्रो की कमाई भी होगी। यूपी मेट्रो के संयुक्त महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि मेट्रो चलाने के लिए बहुत बजट चाहिए होता है, इसलिए बिना किराया बढ़ाए कमाई के नए रास्ते ढूंढे गए हैं। अब मेट्रो प्रशासन ‘फेयर बॉक्स’ यानी टिकट के अलावा ‘नॉन-फेयर बॉक्स’ यानी विज्ञापनों और दुकानों के किराए से पैसा जुटा रहा है।

मेट्रो की इस नई व्यवस्था से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

विवरण जानकारी
वर्तमान आय स्रोत कुल आय का 40% विज्ञापनों और दुकानों से
भविष्य का लक्ष्य आय का 50-50% हिस्सा किराया और बिजनेस से करना
कुल आउटलेट्स आईआईटी से नौबस्ता कॉरिडोर में 75 दुकानें चिह्नित, 45 आवंटित
अनुमानित गैर-किराया राजस्व सालाना 20 करोड़ रुपये तक
नया कॉरिडोर सेंट्रल से नौबस्ता (अगस्त 2026 से शुरू होने का अनुमान)
नए यात्रियों का अनुमान प्रतिदिन लगभग 55 हजार नए यात्री

मेट्रो स्टेशनों के अंदर, ग्राउंड फ्लोर और कॉनकोर्स एरिया में दुकानें खोलने के लिए जगह दी जा रही है, जिन्हें लोग 3, 6 और 9 साल की लीज पर ले रहे हैं। आईआईटी कानपुर से नौबस्ता तक 40 से ज्यादा आउटलेट्स खुल चुके हैं, जहां मोमोज, पिज्जा, इडली, डोसा, चाय और कॉफी जैसे व्यंजन मिल रहे हैं। इसके अलावा मेट्रो के पिलरों पर बड़े विज्ञापन लगाए जा रहे हैं।

कमाई बढ़ाने के लिए ‘सेमी-नेमिंग राइट्स’ का भी सहारा लिया गया है। इसके तहत बड़े ब्रांड्स स्टेशनों के नाम के साथ जुड़ रहे हैं, जैसे नयागंज मेट्रो स्टेशन का नाम अब ‘अशोक मसाले’ के ब्रांड के साथ जुड़ गया है। सेंट्रल से नौबस्ता कॉरिडोर के लिए सुरक्षा जांच के बाद मौखिक सहमति मिल गई है और अंतिम प्रमाण पत्र का इंतजार है।