UP : कानपुर और लखनऊ के बीच ट्रेनों का चलना 42 दिनों तक बंद रहा, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। इस दौरान रेलवे ट्रैक के मरम्मत कार्य की वजह से लोग बसों का सहारा लेने को मजबूर हुए। इसका फायदा UP Roadways को मिला, जिस
UP : कानपुर और लखनऊ के बीच ट्रेनों का चलना 42 दिनों तक बंद रहा, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। इस दौरान रेलवे ट्रैक के मरम्मत कार्य की वजह से लोग बसों का सहारा लेने को मजबूर हुए। इसका फायदा UP Roadways को मिला, जिसने इस रूट पर अपनी बसों की संख्या बढ़ाकर करोड़ों की कमाई की है।
ट्रेनों के बंद होने से रोडवेज की कितनी हुई कमाई?
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, कानपुर-लखनऊ रूट पर ट्रेनें बंद रहने के दौरान UP Roadways ने कुल 1 करोड़ 10 लाख रुपए कमाए। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रोडवेज ने अपनी व्यवस्थाएं काफी बढ़ा दी थीं। इस रूट पर प्रतिदिन 400 बसें चलाई गईं, जो हर दिन करीब 1200 ट्रिप पूरी कर रही थीं। यात्रियों की सुविधा के लिए हर 10 मिनट में एक बस लखनऊ रूट पर उपलब्ध थी।
रेलवे ने क्यों लगाया था 42 दिनों का मेगा ब्लॉक?
Northern Railway और North Central Railway ने गंगा नदी के ऊपर बने ब्रिज नंबर 110 पर जरूरी मरम्मत का काम शुरू किया था। इस काम के लिए 2 अप्रैल 2026 से 13 मई 2026 तक मेगा ब्लॉक लगाया गया था। यह ब्लॉक रोजाना सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक प्रभावी रहता था। रेलवे का मुख्य उद्देश्य स्टील ट्रफ की जगह H-beam स्लीपर लगाना था ताकि पुल की मजबूती बढ़ सके और यात्रा सुरक्षित हो।
यात्रियों पर क्या पड़ा असर और अब क्या है स्थिति?
| प्रभावित सेवा |
विवरण |
| प्रमुख ट्रेनें |
Shatabdi Express और Vande Bharat Express समेत कई ट्रेनें रद्द या डायवर्ट हुईं |
| ब्लॉक की अवधि |
42 दिन (2 अप्रैल से 13 मई 2026) |
| वर्तमान स्थिति |
14 मई 2026 से ट्रेन सेवाएं फिर से शुरू होने का समय तय हुआ |
इस मरम्मत कार्य के कारण आम यात्रियों को काफी दिक्कतें आईं, क्योंकि उन्हें अचानक अपनी यात्रा का माध्यम बदलना पड़ा। रेलवे अधिकारियों ने पुष्टि की है कि गर्डर लॉन्चिंग का काम समय पर पूरा हो गया है, जिससे अब ट्रेनों का आवागमन सामान्य हो जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कानपुर-लखनऊ रूट पर ट्रेनें कितने दिनों तक बंद रहीं?
यह रूट 2 अप्रैल 2026 से 13 मई 2026 तक कुल 42 दिनों के लिए बंद रहा, क्योंकि गंगा नदी के पुल पर मरम्मत का काम चल रहा था।
रोडवेज ने इस दौरान यात्रियों के लिए क्या इंतजाम किए थे?
UP Roadways ने प्रतिदिन 400 बसें चलाईं और 1200 ट्रिप किए। हर 10 मिनट में एक बस उपलब्ध कराई गई, जिससे रोडवेज ने 1.10 करोड़ रुपए कमाए।