UP में कानपुर-लखनऊ हाईवे पर सफर होगा महंगा, टोल टैक्स में बढ़ोतरी की तैयारी, देखें नई दरें

UP: कानपुर और लखनऊ के बीच यात्रा करने वाले लोगों की जेब अब और ढीली होने वाली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस हाईवे पर टोल दरों को फिर से बढ़ाने का फैसला लिया है। खास बात यह है कि इस वित्तीय वर्ष में

UP: कानपुर और लखनऊ के बीच यात्रा करने वाले लोगों की जेब अब और ढीली होने वाली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस हाईवे पर टोल दरों को फिर से बढ़ाने का फैसला लिया है। खास बात यह है कि इस वित्तीय वर्ष में यह दूसरी बार टोल बढ़ाया जा रहा है, जो कि एक रिकॉर्ड है क्योंकि आमतौर पर टोल में साल में एक बार ही बढ़ोतरी होती है।

टोल बढ़ाने के पीछे मुख्य वजह लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का वह 18 किलोमीटर का हिस्सा है जो लखनऊ से बनी तक मुफ्त है। बहुत से लोग इस मुफ्त रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं और फिर बनी से हाईवे पर आ जाते हैं, जिससे टोल कलेक्शन पर असर पड़ा है। इसके अलावा हाईवे पर सड़क सुरक्षा और ओवरले के काम में 102 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसे देखते हुए यह फैसला लिया गया है। NHAI के परियोजना निदेशक नकुल वर्मा ने बताया कि टोल बढ़ाने का प्रस्ताव मंत्रालय को भेज दिया गया है और मंजूरी मिलते ही एक से डेढ़ महीने में यह नवाबगंज टोल प्लाजा पर लागू हो जाएगा।

टोल टैक्स में कितनी होगी बढ़ोतरी

नए प्रस्ताव के मुताबिक वाहनों पर 20 रुपये से लेकर 30 रुपये तक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। मासिक पास की कीमतों में भी 15 से 30 रुपये की वृद्धि होगी, जिससे पास की दरें 100 रुपये से 550 रुपये के बीच रहेंगी। फिलहाल कार के लिए एक तरफ का टोल 95 रुपये और 24 घंटे की वापसी का टोल 145 रुपये है।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (NE-6) की टोल दरें

हाल ही में 13 जुलाई 2026 को उद्घाटन हुए नए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर भी टोल वसूली शुरू हो गई है। यह देश का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे है जहां कोई टोल बैरियर नहीं है और वसूली फास्टैग व ANPR कैमरों के जरिए ऑटोमैटिक होगी। इसकी दरें नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती हैं:

वाहन का प्रकार एक तरफ का टोल 24 घंटे वापसी टोल
कार, जीप, वैन, SUV 275 रुपये 415 रुपये
हल्के वाणिज्यिक वाहन 445 रुपये 670 रुपये
बस और ट्रक 935 रुपये 1405 रुपये
मल्टी-एक्सल वाहन 1020 रुपये 1530 रुपये

इस एक्सप्रेसवे पर नियमित यात्रियों के लिए मासिक पास और 3075 रुपये में वार्षिक फास्टैग पास की सुविधा भी है, जिससे साल में 200 यात्राएं की जा सकती हैं। 4200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 63 किलोमीटर लंबे सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों का जाना मना है।