Kanpur-Lucknow Highway पर बढ़ा टोल टैक्स, अब कारों को देने होंगे ज्यादा पैसे; रोडवेज बसों का किराया हुआ कम
UP : कानपुर और लखनऊ के बीच पुराने हाइवे पर सफर करने वालों की जेब अब और ढीली होगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल फीस में बढ़ोतरी कर दी है, जो सोमवार 20 जुलाई 2026 की आधी रात से लागू हो गई है। इस बार टो
UP : कानपुर और लखनऊ के बीच पुराने हाइवे पर सफर करने वालों की जेब अब और ढीली होगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल फीस में बढ़ोतरी कर दी है, जो सोमवार 20 जुलाई 2026 की आधी रात से लागू हो गई है। इस बार टोल दरों में 5 रुपये से लेकर 640 रुपये तक की वृद्धि की गई है।
NHAI के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में यह दूसरी बार टोल बढ़ाया गया है, इससे पहले मार्च 2026 में भी दरों में बदलाव हुआ था। प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल वर्मा के मुताबिक, सड़कों के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। हाइवे के ओवरले और सुरक्षा पर करीब 102 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। एक वजह यह भी है कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर 18 किमी का एलिवेटेड मार्ग मुफ्त है, जिसके बाद गाड़ियां वापस पुराने हाइवे पर आ जाती हैं।
टोल दरों में हुए बदलाव की पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
| वाहन का प्रकार | नया टोल शुल्क (एकतरफा) | पुराना शुल्क/विवरण |
|---|---|---|
| निजी कार | ₹100 | ₹95 (₹5 की बढ़ोतरी) |
| हल्के व्यावसायिक वाहन | ₹160 | – |
| बस-ट्रक (2 एक्सल) | ₹340 | – |
| भारी वाहन (7 एक्सल) | ₹650 | – |
| मासिक पास (नवाबगंज टोल) | ₹360 | ₹350 |
| वार्षिक पास (2026-27) | ₹3075 | – |
एक तरफ जहां टोल बढ़ा है, वहीं यूपी रोडवेज ने यात्रियों को कुछ राहत दी है। 21 जुलाई 2026 से पुराने हाइवे पर चलने वाली बसों का किराया 14 रुपये घटाकर 123 रुपये कर दिया गया है। इसका कारण आलमबाग से बसों का संचालन और दूरी का कम होना है। हालांकि, अगर आप एक्सप्रेसवे के जरिए सफर करते हैं, तो वहां बस किराया लगभग 155 रुपये रहने का अनुमान है, जो पुराने हाइवे से महंगा पड़ेगा।