UP में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे हुआ टोल फ्री, सड़क खराब होने की शिकायतों के बाद NHAI ने लिया फैसला

UP: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए एक बड़ी खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बुधवार, 5 अगस्त 2026 को इस एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली को तत्काल प्रभाव से रोकने का फैसला किया है

UP: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए एक बड़ी खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बुधवार, 5 अगस्त 2026 को इस एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली को तत्काल प्रभाव से रोकने का फैसला किया है। यह निर्णय एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के कुछ ही हफ्तों बाद सड़क की खराब हालत और कई जगहों पर गड्ढों की शिकायतों के बाद लिया गया है। अब जब तक सड़क की मरम्मत का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक यात्रियों से कोई टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा।

इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को हुआ था, लेकिन बहुत जल्द ही इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे। 26 जुलाई 2026 को 64 किलोमीटर के निशान के पास करीब 300 मीटर सड़क धंसने की घटना सामने आई थी। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी कई यात्रियों ने वीडियो और फोटो शेयर कर सड़क पर पैचवर्क और खराब निर्माण की शिकायतें की थीं। पहले यहां कारों, जीपों और वैन के लिए एक तरफा यात्रा का टोल शुल्क 275 रुपये लिया जा रहा था।

NHAI ने इस मामले में बहुत सख्त रुख अपनाया है और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़क निर्माण कंपनी PNC Infratech Limited को ‘गैर-निष्पादक’ घोषित करने का प्रस्ताव भेजा गया है, जिससे कंपनी भविष्य में NHAI के प्रोजेक्ट्स में बोली नहीं लगा पाएगी। साथ ही, स्वतंत्र इंजीनियर फर्म Theme Engineering Services Private Limited को भी प्रतिबंधित करने का नोटिस दिया गया है।

विवरण जानकारी/कार्रवाई
मरम्मत का अनुमानित खर्च लगभग 3 करोड़ रुपये (ठेकेदार द्वारा वहन किया जाएगा)
जांच टीम IIT खड़गपुर की विशेषज्ञ समिति
हटाए गए अधिकारी परियोजना प्रबंधक विवेक कुमार गुप्ता, टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और निवासी इंजीनियर यतेंद्र कुमार
प्रतिबंध की अवधि हटाए गए अधिकारियों पर 2 साल का प्रतिबंध
जुर्माना प्रदर्शन सुरक्षा के 2% के बराबर जुर्माना लगाने का नोटिस

NHAI ने साफ किया है कि टोल वसूली बंद होने से जो राजस्व का नुकसान होगा, उसकी वसूली ठेकेदार से की जाएगी। प्राधिकरण ने कहा है कि वह राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास में गुणवत्ता, सुरक्षा और जवाबदेही के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।