Kanpur-Lucknow Expressway पर पहले ही दिन रफ्तार का खेल, 120 की लिमिट के बावजूद 180 तक दौड़ीं कारें
UP/Kanpur: कानपुर और लखनऊ के बीच नया एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए खुल गया है, लेकिन पहले ही दिन यहां रफ्तार का रोमांच खतरनाक स्तर पर दिखा। 14 जुलाई को जैसे ही यह रास्ता खुला, कई गाड़ियां तय सीमा से कहीं ज्यादा तेज दौड़ती न
UP/Kanpur: कानपुर और लखनऊ के बीच नया एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए खुल गया है, लेकिन पहले ही दिन यहां रफ्तार का रोमांच खतरनाक स्तर पर दिखा। 14 जुलाई को जैसे ही यह रास्ता खुला, कई गाड़ियां तय सीमा से कहीं ज्यादा तेज दौड़ती नजर आईं। ग्राउंड रिपोर्ट में पाया गया कि कुछ कारें 140 से 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थीं, जबकि नियम इससे काफी कम हैं।
इस 63 किलोमीटर लंबे छह-लेन एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। इसे करीब 4,200 से 4,700 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। सरकार ने कारों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 80 किमी प्रति घंटा तय की है। साथ ही, दोपहिया और तिपहिया वाहनों का इस रास्ते पर चलना पूरी तरह मना है।
रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए NHAI ने यहां एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाया है। इसमें 63 हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे और स्पीड रडार लगे हैं। अगर कोई वाहन तय सीमा से तेज चलता है, तो कंट्रोल रूम से सीधे ऑटोमैटिक चालान जारी किया जाएगा।
टोल वसूली के लिए यहाँ MLFF सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा है, जो FASTag और नंबर प्लेट पहचानने वाली तकनीक (ANPR) पर आधारित है। अगर FASTag में पैसे कम हुए, तो यूजर को ई-नोटिस मिलेगा। 15 दिनों में भुगतान न करने पर दोगुना टोल और 500 से 1,000 रुपये जुर्माना लगेगा, साथ ही RC सस्पेंड करने की कार्रवाई भी हो सकती है।
जहां राजनाथ सिंह ने कहा कि इस एक्सप्रेसवे से जाम की समस्या खत्म होगी, वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसके डिजाइन और भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए हैं। NHAI के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने सड़क धंसने के आरोपों को गलत बताया है।