UP में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की हालत खराब, 17 दिन में तीसरी बार धंसी सड़क, पलट गया ट्रक

UP: करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बना कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद विवादों में घिर गया है। 13 जुलाई 2026 को शुरू हुए इस 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर महज 17 दिनों के भीतर तीसरी बार मरम्मत की

UP: करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बना कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद विवादों में घिर गया है। 13 जुलाई 2026 को शुरू हुए इस 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर महज 17 दिनों के भीतर तीसरी बार मरम्मत की जरूरत पड़ी है। बारिश के कारण सड़क धंसने और फिसलन की खबरें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।

ताजा मामला उन्नाव के बेगमखेड़ा गांव के पास का है, जहां मरम्मत के काम के दौरान ही सड़क का एक हिस्सा धंस गया और एक ट्रक पलट गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। इससे पहले 25-26 जुलाई को भी उन्नाव के कोरारी इलाके में सड़क की ऊपरी परत उखड़ने की घटना हुई थी। विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने इसे भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का नतीजा बताते हुए सरकार पर हमला बोला है।

NHAI के मुताबिक, यह कोई बड़ी समस्या नहीं थी बल्कि बारिश और भारी ट्रैफिक की वजह से बिटुमिनस परत में आई तकनीकी खराबी थी। हालांकि, लापरवाही बरतने के आरोप में NHAI ने सख्त कदम उठाए हैं। निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, इंडिपेंडेंट इंजीनियर सुरेंद्र कुमार और रेसिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को प्रोजेक्ट से हटा दिया गया है। इन तीनों अधिकारियों पर अगले दो साल तक MoRTH और NHAI की किसी भी परियोजना में काम करने पर रोक लगा दी गई है।

NHAI ने स्पष्ट किया है कि इस एक्सप्रेसवे के रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदारों की है और उन्हें अगले 15 साल तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के इसकी मरम्मत करनी होगी। स्थानीय लोगों और यात्रियों का आरोप है कि स्थायी समाधान के बजाय केवल पैबंद लगाकर काम चलाया जा रहा है, जिससे सड़क बार-बार टूट रही है।