UP: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सड़क फिर धंसी, NHAI ने निर्माण कंपनी को बताया ‘नॉन-परफॉर्मर’, टोल वसूली बंद

UP/Lucknow: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर रविवार को हुई बारिश के बाद असोहा और अचलगंज इलाके में सड़क की हालत बहुत खराब हो गई है। यहां एक साथ दस जगहों पर सड़क धंस गई, जिससे आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कत हुई। पिछले 24 घंट

UP/Lucknow: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर रविवार को हुई बारिश के बाद असोहा और अचलगंज इलाके में सड़क की हालत बहुत खराब हो गई है। यहां एक साथ दस जगहों पर सड़क धंस गई, जिससे आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कत हुई। पिछले 24 घंटों में एक्सप्रेसवे पर कुल 14 जगहों पर सड़क धंसने की खबरें आई हैं, जिससे यह रास्ता अब खतरनाक साबित हो रहा है।

सड़क धंसने का मुख्य कारण पानी की निकासी के सही इंतजाम न होना और एक जगह नाली का टूटना बताया जा रहा है। अगस्त की शुरुआत से ही इस 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर कई जगह गड्ढे बन रहे हैं और पहले की गई मरम्मत भी उखड़ रही है। 1 अगस्त को तुरी गांव के पास भी सड़क धंसी थी। इस गड़बड़ी के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा कदम उठाते हुए टोल वसूली बंद कर दी है।

NHAI ने निर्माण कंपनी PNC Infratech Limited को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित कर दिया है। लापरवाही बरतने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेसिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को हटा दिया गया है। इन तीनों पर अगले दो साल तक NHAI और सड़क परिवहन मंत्रालय की किसी भी परियोजना में काम करने की रोक लगा दी गई है।

इस पूरे मामले पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। PNC Infratech का कहना है कि सड़क धंसने की वजह भारी बारिश है, न कि कोई तकनीकी कमी। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे भ्रष्टाचार का उदाहरण बताते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। करीब 4,200 से 4,700 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

तकनीकी जांच के लिए IIT Kharagpur की एक टीम मौके पर पहुंची है। टीम ने 30 नमूने लिए हैं और सात घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग की है। यह टीम 12 दिनों में अपनी रिपोर्ट NHAI मुख्यालय को सौंपेगी। रिटायर्ड इंजीनियर ए.के. शुक्ला के मुताबिक, जब तक जमीन के अंदर की नमी की समस्या ठीक नहीं होगी, तब तक कोई भी पैचवर्क काम नहीं करेगा। इस विवाद के चलते PNC Infratech के शेयरों में तीन दिनों में 13.94% की गिरावट आई है।