UP में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल, सड़क धंसने के बाद NHAI ने निर्माण कंपनी पर कसा शिकंजा
UP: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को देश के सबसे हाईटेक रास्तों में से एक मानकर तैयार किया गया था, लेकिन उद्घाटन के कुछ ही हफ्तों बाद इसकी हालत खराब होने लगी है। 13 जुलाई 2026 को शुरू हुए इस एक्सप्रेसवे पर 26 जुलाई से ही सड़क
UP: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को देश के सबसे हाईटेक रास्तों में से एक मानकर तैयार किया गया था, लेकिन उद्घाटन के कुछ ही हफ्तों बाद इसकी हालत खराब होने लगी है। 13 जुलाई 2026 को शुरू हुए इस एक्सप्रेसवे पर 26 जुलाई से ही सड़क धंसने की खबरें आने लगीं। अब इस मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्माण कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
जांच में यह बात सामने आई है कि एक्सप्रेसवे के निर्माण में 3D AMG तकनीक का इस्तेमाल किया गया था, फिर भी इसमें बड़ी खामियां रह गईं। IIT खड़गपुर, एक स्वतंत्र लैब और NHAI की टीम ने जब निरीक्षण किया, तो पता चला कि जल निकासी सिस्टम सही नहीं था और अर्थवर्क खराब था। इस वजह से बारिश का पानी सड़क की परतों के नीचे चला गया और मिट्टी कमजोर होने के कारण सड़क धंसने लगी।
NHAI ने अब यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली बंद कर दी है। यह फैसला तब तक लागू रहेगा जब तक प्रभावित हिस्सों की पूरी तरह मरम्मत नहीं हो जाती। अधिकारियों का कहना है कि पुल की मुख्य संरचना सुरक्षित है, लेकिन उन्नाव के कुरारी के पास संपर्क मार्ग पर तकनीकी दिक्कतें आई हैं। मामले की गहराई से जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है और सात दिनों में रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
इस लापरवाही के चलते NHAI ने निर्माण कंपनी PNC Infratech लिमिटेड को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की है। साथ ही, क्वालिटी चेक करने वाली थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को भविष्य के प्रोजेक्ट्स से बैन करने की तैयारी है। निगरानी में चूक करने वाले तीन अधिकारियों को प्रोजेक्ट से हटा दिया गया है और उन्हें अगले दो साल तक किसी भी NHAI प्रोजेक्ट में काम करने से रोक दिया गया है। हालांकि, PNC Infratech ने कहा है कि उन्हें अभी सिर्फ कारण बताओ नोटिस मिला है और वे पूरी तरह नॉन-परफॉर्मर घोषित नहीं हुए हैं।