UP: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे शुरू, अब 3 घंटे का सफर 45 मिनट में होगा पूरा; उद्योगों को मिलेगा बड़ा फायदा
UP: कानपुर और लखनऊ के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। 63 किलोमीटर लंबा कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) अब आम जनता के लिए खुल गया है। इस नए रास्ते की वजह से अब दोनों शहरों के बीच का समय काफी कम हो गया है, जिससे
UP: कानपुर और लखनऊ के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। 63 किलोमीटर लंबा कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) अब आम जनता के लिए खुल गया है। इस नए रास्ते की वजह से अब दोनों शहरों के बीच का समय काफी कम हो गया है, जिससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा होगी बल्कि व्यापार और माल ढुलाई में भी तेजी आएगी।
इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। करीब 4,700 करोड़ रुपये की लागत से बने इस छह लेन के एक्सप्रेसवे पर अब गाड़ियां 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। सबसे खास बात यह है कि यहां भारत का पहला बैरियर-फ्री टोल सिस्टम लगाया गया है, जिसमें FASTag और ANPR तकनीक का इस्तेमाल हुआ है। इसका मतलब है कि टोल प्लाजा पर गाड़ियों को रुकना नहीं पड़ेगा और टोल अपने आप कट जाएगा।
इस प्रोजेक्ट का सबसे ज्यादा असर कानपुर के औद्योगिक इलाकों पर पड़ेगा। ट्रांसगंगा सिटी, जाजमऊ, दादा नगर और फजलगंज जैसे क्षेत्रों को इससे सीधा फायदा मिलेगा। लखनऊ एयरपोर्ट से निवेशक अब सीधे और जल्दी कानपुर पहुंच सकेंगे, जिससे नए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। खासतौर पर ट्रांसगंगा सिटी में फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उद्योगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सुरक्षा के लिहाज से एक्सप्रेसवे पर हाई-टेक इंतजाम किए गए हैं। पूरे रास्ते पर 63 CCTV कैमरे, स्पीड रडार और इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाए गए हैं। किसी भी हादसे की स्थिति में 15 मिनट के भीतर मदद पहुंचने की व्यवस्था की गई है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से इस एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद है।
इस कनेक्टिविटी के बाद अब लखनऊ और कानपुर के बीच का सफर जो पहले 2.5 से 3 घंटे लेता था, वह अब महज 35 से 45 मिनट में पूरा हो जाएगा। इसका असर आसपास की जमीनों और प्रॉपर्टी के दामों पर भी दिख रहा है, खासकर उन्नाव और लखनऊ-कानपुर के ग्रामीण इलाकों में निवेश बढ़ा है।