Kanpur-Lucknow Expressway शुरू, 3 घंटे का सफर 40-50 मिनट में होगा पूरा; जानिए एंट्री-एक्जिट और टोल रेट
UP: कानपुर और लखनऊ के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. 13 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औपचारिक रूप से कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर दिया है. इस नए
UP: कानपुर और लखनऊ के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. 13 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औपचारिक रूप से कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर दिया है. इस नए रास्ते के खुलने से अब दोनों शहरों के बीच की दूरी समय के हिसाब से काफी कम हो गई है.
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से पहले जहां यात्रा में करीब 2.5 से 3 घंटे का समय लगता था, वहीं अब यह सफर लगभग 40 से 50 मिनट में पूरा हो जाएगा. कुछ दावों में इसे 35 मिनट तक बताया जा रहा है. हालांकि, कानपुर के लोगों के लिए एक चुनौती शहर के अंदर का ट्रैफिक है. एक्सप्रेसवे का कानपुर वाला हिस्सा आजाद मार्ग, शुक्लागंज के पास NH-27 पर खत्म होता है, जो उद्योग पथ से जुड़ा है. इसका मतलब है कि कानपुर शहर से एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए यात्रियों को पहले उन्नाव की तरफ जाना होगा.
उन्नाव में यात्रियों की सुविधा के लिए मुख्य एंट्री और एक्जिट पॉइंट्स बनाए गए हैं. इनमें आजाद मार्ग चौराहा, कोरारी गांव (अचलगंज के पास) और अमरसस (लालगंज मार्ग) शामिल हैं. लखनऊ की तरफ यह एक्सप्रेसवे शहीद पथ के पास NH-27 से शुरू होता है.
यह एक्सप्रेसवे तकनीक के मामले में काफी आधुनिक है और इसे भारत का पहला AI-आधारित एक्सप्रेसवे कहा जा रहा है. इसमें बिना रुके टोल चुकाने के लिए बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम लगाया गया है, जो FASTag और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) से काम करता है.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लंबाई | लगभग 63 किलोमीटर |
| लेन की संख्या | 6-लेन (8 लेन तक विस्तार संभव) |
| कारों के लिए स्पीड लिमिट | अधिकतम 120 किमी/घंटा |
| बड़े वाहनों की स्पीड लिमिट | अधिकतम 100 किमी/घंटा |
| एक तरफ का टोल (कार) | लगभग ₹275 |
| रिटर्न टोल (24 घंटे में) | ₹415 |
| प्रतिबंधित वाहन | दोपहिया, तिपहिया, साइकिल, ट्रैक्टर |
सुरक्षा के लिए पूरे रास्ते पर 63 हाई-रिजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे, स्पीड रडार और इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाए गए हैं. पीएनसी इन्फ्राटेक लिमिटेड ने इस एक्सप्रेसवे का निर्माण किया है, जिस पर करीब 3600 से 4700 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.