Kanpur-Lucknow Expressway पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों की नो एंट्री, फास्टैग पास वालों को मिलेगी बड़ी राहत

UP : कानपुर और लखनऊ के बीच सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने नए कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) के लिए जरूरी गाइडलाइन जारी कर दी है। इस हाई-स्पीड रास्ते पर अब दोपहिया और त

UP : कानपुर और लखनऊ के बीच सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने नए कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) के लिए जरूरी गाइडलाइन जारी कर दी है। इस हाई-स्पीड रास्ते पर अब दोपहिया और तिपहिया वाहनों का जाना पूरी तरह से मना है, जिससे केवल चार पहिया या उससे बड़े वाहन ही इस सड़क का इस्तेमाल कर पाएंगे।

यह एक्सप्रेसवे 13 जुलाई 2026 को खुला था और 14 जुलाई से आम जनता के लिए शुरू कर दिया गया। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा रास्ता है जहां टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। यहां लगे ANPR कैमरों और फास्टैग तकनीक से टोल का पैसा अपने आप कट जाएगा। अगर किसी गाड़ी में फास्टैग नहीं हुआ, तो कैमरे से नंबर पहचान कर दोगुना टोल और 500 से 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

सफर को आसान बनाने के लिए NHAI ने फास्टैग वार्षिक पास की सुविधा भी दी है। जो लोग 3,075 रुपये का सालाना पास लेंगे, उन्हें प्रति यात्रा सिर्फ करीब 15 रुपये देने होंगे। यह पास ‘राजमार्ग यात्रा’ ऐप या पोर्टल से एक्टिव किया जा सकता है। बिना पास के 200 यात्राओं का खर्च 55,000 रुपये तक जा सकता है, जबकि पास होने पर यह बहुत सस्ता पड़ेगा।

विवरण जानकारी
कुल लंबाई 63 किमी (6-लेन)
यात्रा का समय 35-45 मिनट (पहले 2.5-3 घंटे लगता था)
कार की स्पीड लिमिट 120 किमी प्रति घंटा
भारी वाहनों की स्पीड 80 किमी प्रति घंटा
एकतरफा टोल (कार) 275 रुपये
रिटर्न टोल (24 घंटे में) 415 रुपये
मासिक पास (50 यात्रा) 9,220 रुपये

सुरक्षा के लिए इस पूरे रास्ते पर AI-सक्षम निगरानी सिस्टम लगाया गया है, ताकि किसी भी हादसे की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम को मिल सके। इस प्रोजेक्ट को बनाने में करीब 4,200 से 4,700 करोड़ रुपये का खर्च आया है।