UP में उद्घाटन के 12 दिन बाद धंसा कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे, NHAI ने बताया तकनीकी खराबी
UP/Unnao : कानपुर-लखनऊ ग्रीनफील्ड एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर मानसून की बारिश ने जल्द ही असर दिखा दिया है। उद्घाटन के महज 12 से 14 दिनों के भीतर एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा खराब हो गया, जिसकी खबर सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए व
UP/Unnao : कानपुर-लखनऊ ग्रीनफील्ड एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर मानसून की बारिश ने जल्द ही असर दिखा दिया है। उद्घाटन के महज 12 से 14 दिनों के भीतर एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा खराब हो गया, जिसकी खबर सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए वायरल हुई। यह घटना उन्नाव जिले के कोरारी गांव के पास किलोमीटर संख्या 64.4 पर हुई है।
इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। करीब 4,200 से 4,700 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 63 किलोमीटर लंबे रास्ते के लिए खास AIMGC तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। दावा किया गया था कि अमेरिका और जर्मनी के बाद भारत में पहली बार ऐसी मशीन गाइडेड तकनीक का प्रयोग हुआ है।
सड़क की हालत पर जब सवाल उठे तो NHAI के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने स्पष्ट किया कि सड़क पूरी तरह धंसी नहीं है। उन्होंने बताया कि केवल ऊपरी परत यानी वियरिंग कोट लगभग 40 मीटर के दायरे में प्रभावित हुई है। उनके मुताबिक मिट्टी नहीं बैठी है, इसलिए इसे सड़क धंसना नहीं कहा जा सकता। प्रोजेक्ट मैनेजर वी. कुंडू ने भी भारी बारिश को इसका कारण बताया और कहा कि नए एक्सप्रेसवे में ऐसी तकनीकी समस्याएं कभी-कभी आ जाती हैं।
इस मामले को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने क्षतिग्रस्त सड़क का वीडियो साझा किया, जिसके बाद पार्टी ने निर्माण की क्वालिटी पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। हालांकि, NHAI ने कहा है कि इसे एक सामान्य तकनीकी समस्या माना गया है और इसकी अलग से कोई जांच नहीं कराई जाएगी।
क्षति की जानकारी मिलते ही निर्माण एजेंसी PNC Infratech और पटेल इन्फ्रास्ट्रक्चर ने मरम्मत का काम शुरू कर दिया था। NHAI के अनुसार अब मरम्मत का काम पूरा हो चुका है और एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां सामान्य रूप से चल रही हैं। वहीं कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि मिट्टी की कुटाई यानी कॉम्पैक्टिंग और निगरानी में कमी की वजह से ऐसा हुआ होगा।