Bihar: कैमूर जिले के पूर्व सैनिकों के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू हुई है। जिले में अब सैनिक कल्याण कार्यालय (Soldiers’ Welfare Office) खुल गया है। इस वजह से अब पूर्व सैनिकों को अपनी पेंशन और अन्य जरूरी कागजी कामों के ल
Bihar: कैमूर जिले के पूर्व सैनिकों के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू हुई है। जिले में अब सैनिक कल्याण कार्यालय (Soldiers’ Welfare Office) खुल गया है। इस वजह से अब पूर्व सैनिकों को अपनी पेंशन और अन्य जरूरी कागजी कामों के लिए सासाराम या आरा की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस कदम से जिले के हजारों पूर्व सैनिकों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
कैमूर में कार्यालय खुलने से क्या होगा फायदा
कैमूर जिले में पूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके आश्रितों की संख्या बढ़कर 7500 हो गई थी, जिसके बाद इस कार्यालय की मांग उठ रही थी। राज्य सैनिक निदेशालय ने 9 मई 2025 को इसकी मंजूरी दी थी और जुलाई 2025 के आसपास यह शुरू हुआ। अब सुदूर इलाकों में रहने वाले पूर्व सैनिकों को पेंशन और परिवार से जुड़े मामलों के समाधान के लिए अपने ही जिले में सुविधा मिलेगी।
बिहार सरकार की अन्य योजनाएं और नियुक्तियां
बिहार सरकार पूर्व सैनिकों के पुनर्वास के लिए कई कदम उठा रही है। राज्य में कुल 13 सैनिक कल्याण कार्यालय थे, जिन्हें बढ़ाकर अब 25 किया जा रहा है, जिनमें कैमूर भी शामिल है। इसके अलावा, पूर्व सैनिकों को लोअर डिवीजन क्लर्क, कल्याण व्यवस्थापक और डेटा एंट्री ऑपरेटर जैसे पदों पर नौकरी देने की प्रक्रिया भी चल रही है। सरकार अब शिक्षा अनुदान और प्रधानमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ला रही है।
एकीकृत सैनिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण
पूर्व सैनिकों की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए बिहार के 20 जिलों में एकीकृत सैनिक कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। कैमूर भी इस लिस्ट में शामिल है। कार्यालय के उद्घाटन के दौरान पूर्व कैप्टन त्रिवेणी साह, पूर्व सूबेदार मेजर नंद कुमार सिंह और कई अन्य पूर्व सैनिक मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने कार्यालय के लिए किराए के भवन के लिए भी सूचना जारी की थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कैमूर में सैनिक कल्याण कार्यालय खुलने से पूर्व सैनिकों को क्या लाभ होगा?
अब पूर्व सैनिकों को पेंशन और अन्य दस्तावेजी कार्यों के लिए सासाराम या आरा जाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे उनके समय और पैसे की बचत होगी।
बिहार में कुल कितने सैनिक कल्याण कार्यालय होने जा रहे हैं?
बिहार सरकार ने 12 नए जिलों में कार्यालय खोलने की मंजूरी दी है, जिससे राज्य में इन कार्यालयों की कुल संख्या 13 से बढ़कर 25 हो जाएगी।