Kaimur के अधौरा में होगा मोटे अनाज का उत्पादन, NABARD और वनवासी सेवा केंद्र किसानों को देंगे ब्रांडिंग सपोर्ट
Kaimur: बिहार के कैमूर जिले के अधौरा इलाके में अब मोटे अनाज यानी श्री अन्न की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। NABARD और वनवासी सेवा केंद्र मिलकर किसानों को न केवल खेती की ट्रेनिंग देंगे, बल्कि उनके उत्पादों की ब्रांडिंग और मा
Kaimur: बिहार के कैमूर जिले के अधौरा इलाके में अब मोटे अनाज यानी श्री अन्न की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। NABARD और वनवासी सेवा केंद्र मिलकर किसानों को न केवल खेती की ट्रेनिंग देंगे, बल्कि उनके उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग में भी मदद करेंगे। इस पहल का मकसद किसानों की कमाई बढ़ाना और लोगों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है।
वनवासी सेवा केंद्र, जो अधौरा में Krishi Vigyan Kendra (KVK) का प्रबंधन करता है, NABARD के सहयोग से इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रहा है। इसके तहत किसानों को मोटे अनाज की खेती के आधुनिक तरीकों, जैविक खेती और वैल्यू एडिशन के बारे में सिखाया जा रहा है। हाल ही में बैंक बाजार में एक दो दिवसीय ट्रेनिंग कैंप भी लगाया गया, जिसमें KVK अमस के वैज्ञानिक डॉ. पंकज कुमार तिवारी ने किसानों को बताया कि मोटे अनाज सेहत के लिए ‘सुपर फूड’ हैं और इन्हें अपनाने से बीमारियों से बचाव होगा।
बिहार सरकार का कृषि विभाग भी इस दिशा में काम कर रहा है। गया के मायापुर में ‘बिहार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मिलेट वैल्यू चेन’ बनाया गया है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि मोटे अनाज सिर्फ पोषण के लिए नहीं, बल्कि रोजगार के अवसर पैदा करने और ग्रामीण उद्यमों को सहारा देने का जरिया भी हैं। इस प्रोजेक्ट में ICRISAT, RPCAU और BAU जैसी संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं।
इसके अलावा, कैमूर के भगवानपुर ब्लॉक में ‘खरीफ महाभियान 2026’ के जरिए किसानों को फार्मर आईडी और जैविक खेती की जानकारी दी गई। NABARD साल 2022-23 से ही इन प्रोजेक्ट्स को स्पॉन्सर कर रहा है ताकि खेतों में अलग-अलग किस्म के मोटे अनाजों का प्रदर्शन किया जा सके और किसानों को सही बाजार मिल सके। सरकार इन अनाजों को मिड-डे मील जैसी योजनाओं में शामिल करने पर भी जोर दे रही है ताकि किसानों को एक स्थिर बाजार मिल सके।