Lucknow में ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ पर JPC की बड़ी बैठक, DGP और 8 विभागों के अफसर देंगे सुझाव
Lucknow: देश में एक साथ चुनाव कराने यानी ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ की तैयारी तेज हो गई है। इस मकसद के लिए बनी संसद की संयुक्त समिति (JPC) लखनऊ पहुंच चुकी है। समिति यहाँ उत्तर प्रदेश के बड़े अधिकारियों और अलग-अलग व
Lucknow: देश में एक साथ चुनाव कराने यानी ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ की तैयारी तेज हो गई है। इस मकसद के लिए बनी संसद की संयुक्त समिति (JPC) लखनऊ पहुंच चुकी है। समिति यहाँ उत्तर प्रदेश के बड़े अधिकारियों और अलग-अलग विभागों के लोगों से बातचीत कर रही है ताकि इस पूरे सिस्टम को जमीन पर कैसे उतारा जाए, इस पर सलाह ली जा सके।
JPC की यह 39 सदस्यीय टीम 12 जुलाई की रात गोवा का दौरा खत्म करके लखनऊ आई थी। 13 जुलाई को समिति ने राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ बैठक शुरू की। इसके अलावा वित्त, गृह, शिक्षा, पर्यटन, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य और श्रम जैसे आठ बड़े विभागों के सीनियर अफसरों से भी मशविरा किया जा रहा है। यह समिति मुख्य रूप से ‘संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक, 2024’ और ‘केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024’ की जांच कर रही है, जिन्हें दिसंबर 2024 में लोकसभा में पेश किया गया था।
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने बताया कि JPC देशभर के राजनीतिक दलों और सरकारी अफसरों से सुझाव ले रही है। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है, जिससे सरकारी काम रुक जाते हैं और विकास की परियोजनाओं में देरी होती है। वहीं समिति के अध्यक्ष पी.पी. चौधरी के मुताबिक, देश में इस प्रस्ताव को काफी समर्थन मिल रहा है और लक्ष्य यह है कि 2029 के आम चुनावों तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को पूरी तरह लागू कर दिया जाए।
इस पूरी प्रक्रिया में अलग-अलग पार्टियों के सांसद भी शामिल हैं, जिनमें प्रियंका गांधी (कांग्रेस), संबित पात्रा (भाजपा), धर्मेंद्र यादव (सपा) और सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी) जैसे नाम शामिल हैं। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अनिल देसाई ने भी अपनी भागीदारी की पुष्टि की है। उम्मीद है कि JPC अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर 17 जुलाई, 2026 तक संसद में पेश कर देगी।