Delhi में डेंगू और टीबी से लड़ाई तेज, JP Nadda ने दिल्ली सरकार के साथ की बैठक, जल्द शुरू होगी हेल्पलाइन

Delhi: राजधानी में मानसून की दस्तक के साथ ही डेंगू और टीबी जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री JP Nadda ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को दिल्ली सरकार के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। इस मीट

Delhi: राजधानी में मानसून की दस्तक के साथ ही डेंगू और टीबी जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री JP Nadda ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को दिल्ली सरकार के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। इस मीटिंग का मुख्य मकसद टीबी को जड़ से खत्म करने के अभियान को मजबूत करना और डेंगू जैसी मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम करना था।

JP Nadda ने साफ किया कि टीबी के मामले में अब सिर्फ मरीजों के आने का इंतजार नहीं किया जाएगा, बल्कि स्वास्थ्य टीमें खुद आगे बढ़कर लोगों तक पहुंचेंगी ताकि कोई भी केस छूटने न पाए। उन्होंने ‘Zero Missing Cases’ पर जोर दिया और बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अब तक 28.1 करोड़ से ज्यादा लोगों की जांच हो चुकी है और इलाज की सफलता दर बढ़कर 90% तक पहुंच गई है। साथ ही, 5.7 लाख नए ‘Nikshay Mitras’ भी इस मुहिम से जुड़े हैं जो मरीजों को पोषण और मानसिक सहारा दे रहे हैं।

डेंगू और मलेरिया की बात करें तो दिल्ली सरकार ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि अस्पतालों में जांच की सुविधा और निगरानी बढ़ा दी गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास पानी जमा न होने दें ताकि मच्छरों को पनपने से रोका जा सके।

बीमारी/तैयारी ताजा आंकड़े और अपडेट (20 जून 2026 तक)
डेंगू के मामले 347 केस (कोई मौत नहीं)
मलेरिया के मामले 87 केस (कोई मौत नहीं)
चिकुनगुनिया के मामले 19 केस
घर-घर जांच 1.81 करोड़ से ज्यादा निरीक्षण
कीटनाशक स्प्रे 1.97 लाख से ज्यादा घरों में छिड़काव
उल्लंघन पर कार्रवाई 38,500 नोटिस और 4,200 से ज्यादा एक्शन

स्वास्थ्य मंत्रालय जल्द ही डेंगू के लिए एक चौबीसों घंटे चलने वाली हेल्पलाइन शुरू करेगा और सभी राज्यों को भी अगले 4-5 दिनों में ऐसी हेल्पलाइन शुरू करने को कहा गया है। इसके अलावा, JP Nadda आने वाले दो दिनों में उन राज्यों से भी बात करेंगे जहां टीबी और डेंगू का बोझ ज्यादा है। उन्होंने शिक्षा और शहरी विकास जैसे अन्य मंत्रालयों के साथ मिलकर भी योजना बनाने की बात कही है ताकि रोकथाम के काम बेहतर तरीके से हो सकें।