Delhi: अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर में होगी लिवर की जांच, स्वास्थ्य मंत्री JP Nadda ने तैयार करने को कहा नेशनल फ्रेमवर्क

Delhi: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री JP Nadda ने देश में लिवर की बीमारियों को लेकर एक बड़ी पहल की है। उन्होंने लिवर की स्क्रीनिंग को सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का हिस्सा बनाने की बात कही है। यह घोषणा उन्होंने Instit

Delhi: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री JP Nadda ने देश में लिवर की बीमारियों को लेकर एक बड़ी पहल की है। उन्होंने लिवर की स्क्रीनिंग को सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का हिस्सा बनाने की बात कही है। यह घोषणा उन्होंने Institute of Liver and Biliary Sciences (ILBS) के 10वें दीक्षांत समारोह के दौरान की, जहां उन्होंने लोगों को लिवर की सेहत के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।

JP Nadda ने ILBS से एक नेशनल लिवर डिजीज स्क्रीनिंग फ्रेमवर्क तैयार करने को कहा है। इस योजना को देशभर के आयुष्मान आरोग्य मंदिर के जरिए लागू किया जाएगा, ताकि आम लोगों को अपने घर के पास ही जांच की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब भारत स्वस्थ होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बीमारियों का समय पर पता चलना और बचाव ही भारत की स्वास्थ्य रणनीति का मुख्य हिस्सा होगा।

देश में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। आंकड़ों के मुताबिक, लगभग तीन में से एक भारतीय इस बीमारी से प्रभावित है। इसी खतरे को देखते हुए सरकार अब प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर ध्यान दे रही है। Nadda ने बताया कि सरकार ने पहले ही डायबिटीज और हाइपरटेंशन के लिए 42 करोड़ से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की है, साथ ही ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर जैसी जांचें भी बड़े पैमाने पर की गई हैं।

कार्यक्रम में ILBS के डायरेक्टर Prof. S.K. Sarin ने संस्थान की उपलब्धियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि साल 2025 में ILBS ने 1.6 लाख से ज्यादा लिवर मरीजों का इलाज किया और 10,800 इमरजेंसी केस संभाले। संस्थान ने इस साल 162 लिवर ट्रांसप्लांट किए, जिससे अब तक कुल ट्रांसप्लांट की संख्या 1,392 हो गई है। इसके अलावा 372 किडनी ट्रांसप्लांट भी किए गए और आयुष्मान भारत PM-JAY के तहत 2,000 से ज्यादा मरीजों को मुफ्त इलाज मिला।

स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर भी बात की। उन्होंने बताया कि देश में अब 23 AIIMS संस्थान और 818 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें 1.20 लाख से ज्यादा अंडरग्रेजुएट सीटें उपलब्ध हैं। साथ ही, 1.85 लाख से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए गए हैं, जो आम नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का पहला संपर्क केंद्र बन चुके हैं।