Jordan में ईरान ने दागे 4 मिसाइल, एयर डिफेंस सिस्टम ने रोका हमला; मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा
World : जॉर्डन की सेना ने ईरान की तरफ से दागे गए चार मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया। यह कार्रवाई जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने की ताकि देश की हवाई सीमा सुरक्षित रहे। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच यह घटना 13 और 14 जु
World : जॉर्डन की सेना ने ईरान की तरफ से दागे गए चार मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया। यह कार्रवाई जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने की ताकि देश की हवाई सीमा सुरक्षित रहे। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच यह घटना 13 और 14 जुलाई 2026 को हुई। जॉर्डन के अधिकारियों ने कहा है कि वे किसी भी सुरक्षा खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
जॉर्डन की सेना के जनरल कमांड ने पुष्टि की कि ये मिसाइलें ईरानी इलाके से आई थीं। जॉर्डन न्यूज़ एजेंसी (Petra) और Anadolu Ajansı के मुताबिक, सैन्य सूत्रों ने बताया कि इस ऑपरेशन को बहुत कुशलता से अंजाम दिया गया। इसका मकसद देश की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा करना था। राहत की बात यह है कि इस हमले में किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।
मिसाइलों के मलबे वाली जगहों को रॉयल इंजीनियर्स कॉर्प की टीमों ने सुरक्षित कर लिया है ताकि वहां रहने वाले लोगों और उनकी संपत्ति को कोई खतरा न हो। जॉर्डन के अधिकारियों ने साफ किया है कि उनकी सेना हाई अलर्ट पर है और हवाई सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जॉर्डन ने एक बार फिर दोहराया है कि वह इस मौजूदा लड़ाई का हिस्सा नहीं है, लेकिन अपनी जमीन और नागरिकों की रक्षा जरूर करेगा।
इधर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस को निशाना बनाने की जिम्मेदारी ली है। ईरान ने इसे अमेरिकी हमलों का जवाब बताया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब बहरीन, यूएई, कतर, कुवैत और ओमान जैसे अन्य खाड़ी देशों ने भी ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें दी हैं। इसी दौरान अमेरिका ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने वाले ईरानी खतरों को रोका था। इससे पहले 9 जुलाई 2026 को भी जॉर्डन ने ईरान की आठ मिसाइलों को रोका था।