Delhi: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने अपने यहां पढ़ाने वाले प्रोफेसरों और अन्य नियमित कर्मचारियों के बच्चों के लिए 5% सुपरन्यूमरेरी कोटा मंजूर कर लिया है। यह फैसला शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा। यूनिवर्सिटी के
Delhi: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने अपने यहां पढ़ाने वाले प्रोफेसरों और अन्य नियमित कर्मचारियों के बच्चों के लिए 5% सुपरन्यूमरेरी कोटा मंजूर कर लिया है। यह फैसला शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा। यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों की यह मांग काफी समय से लंबित थी, जिसे अब प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है।
नया कोटा नियम क्या है और किसे मिलेगा फायदा
यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल ने मार्च 2026 में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसके बाद 15 अप्रैल 2026 को एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने इसे अंतिम रूप दिया। इस नियम के तहत टीचिंग और नॉन-टीचिंग दोनों तरह के नियमित कर्मचारियों के बच्चों को लाभ मिलेगा। इसमें उन कर्मचारियों के बच्चे भी शामिल होंगे जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी। यह कोटा ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन दोनों कोर्स के लिए लागू होगा।
एडमिशन के लिए क्या होंगी शर्तें
भले ही बच्चों को कोटा मिलेगा, लेकिन एडमिशन के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। उम्मीदवारों को यूनिवर्सिटी द्वारा तय की गई न्यूनतम योग्यता (Minimum Eligibility) पूरी करनी होगी। इसके अलावा, उन्हें नेशनल लेवल की प्रवेश परीक्षाओं को पास करना जरूरी होगा:
- UG और PG कोर्स के लिए CUET परीक्षा पास करना अनिवार्य है।
- PhD एडमिशन के लिए UGC-NET/JRF क्वालिफाई करना होगा।
सीटों का गणित और अन्य यूनिवर्सिटी की स्थिति
यह 5% कोटा ‘सुपरन्यूमरेरी’ होगा, जिसका मतलब है कि इसके लिए अलग से अतिरिक्त सीटें बनाई जाएंगी। इससे सामान्य छात्रों की मौजूदा सीटों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) जैसी अन्य सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में भी अपने कर्मचारियों के बच्चों के लिए 5% से 15% तक का कोटा पहले से मौजूद है। हालांकि, JNUSU अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने इस फैसले पर चिंता जताई है कि प्रोफेसरों के बच्चों को कोटा देने से नॉन-टीचिंग स्टाफ के हिस्से पर असर पड़ सकता है।