Delhi में JNU और DU ने छात्रों को जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन से दूर रहने को कहा, अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी

Delhi: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने अपने छात्रों और कर्मचारियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। यूनिवर्सिटी ने सभी से जंतर मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही सोशल मीडिया पर किसी भी

Delhi: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने अपने छात्रों और कर्मचारियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। यूनिवर्सिटी ने सभी से जंतर मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की गैर-जिम्मेदाराना गतिविधि न करने की चेतावनी दी है। नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कानूनी और यूनिवर्सिटी के नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

यह कदम Citizens for Justice and Peace (CJP) द्वारा बुलाए गए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के बीच उठाया गया है। JNU से पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने भी अपने छात्रों और फैकल्टी को ऐसी गतिविधियों में शामिल न होने की सलाह दी थी। DU ने साफ किया था कि गैर-कानूनी सभाओं में शामिल होने से छात्रों के करियर और भविष्य के अवसरों पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके अलावा Association of Indian Universities (AIU) ने भी देश की करीब 1,170 यूनिवर्सिटीज के वाइस चांसलर को पत्र लिखकर छात्रों को समझाने को कहा है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी की साउथ कैंपस डायरेक्टर रजनी अब्बी ने कहा कि छात्रों को राजनीतिक मोहरा नहीं बनना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे प्रदर्शनों में शामिल होने पर FIR हो सकती है, जिससे आगे चलकर नौकरी या पढ़ाई में दिक्कत आएगी। इस बीच, CJP और केंद्र सरकार के मंत्रियों के बीच शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में बातचीत होनी तय हुई है। CJP की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है।

विरोध प्रदर्शनों के कारण दिल्ली की आम जनता और यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने शुक्रवार सुबह 7:30 बजे से 17 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का फैसला किया है। वहीं, जंतर मंतर के आसपास इंटरनेट बंद किए जाने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। दूसरी तरफ, जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से आश्वासन मिलने के बाद अपना 26 दिन का अनशन खत्म कर दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी छात्रों की पेपर लीक जैसी समस्याओं पर बात की है और दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया है। फिलहाल मुंबई में भी 5 या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है ताकि शांति बनी रहे।