Jharkhand में आएगी पहली AI और टेक्सटाइल पॉलिसी, दिल्ली में जुटेंगे निवेशक; हेमंत सोरेन करेंगे विजन 2050 पर मंथन
Jharkhand: राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार और निवेश के नए रास्ते खोलने जा रही है। इसके लिए 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में एक ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन’ का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन क
Jharkhand: राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार और निवेश के नए रास्ते खोलने जा रही है। इसके लिए 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में एक ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन’ का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में इस कार्यक्रम में झारखंड विजन 2050, AI पॉलिसी और निवेश जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
इस सम्मेलन का मुख्य मकसद राज्य में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्सटाइल पॉलिसी को लागू करना और दुनिया भर के निवेशकों को आकर्षित करना है। सरकार इस दौरान कई महत्वपूर्ण नीतियों के मसौदे जारी करेगी ताकि उद्योगपतियों और विशेषज्ञों से सुझाव लिए जा सकें। इनमें झारखंड AI नीति, निवेश प्रोत्साहन नीति, पर्यटन नीति, टेक्सटाइल नीति, जियाडा (JIADA) नियमावली और पीपीपी (PPP) नीति शामिल हैं।
खास बात यह है कि राज्य की पुरानी कपड़ा और परिधान नीति 2016 की समय सीमा खत्म हो चुकी है, इसलिए नई टेक्सटाइल पॉलिसी लाई जा रही है। इससे राज्य में कपड़ा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए नौकरी के मौके बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने साफ किया है कि उनका लक्ष्य युवाओं को सम्मानजनक जीवन देना है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के औद्योगिक संस्थानों में 75% कर्मचारी झारखंड के ही होने चाहिए।
सरकार का ध्यान अब कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और कृषि-खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में निवेश लाने पर है। साथ ही, खनिजों की खोज के लिए AI तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जाएगा। इस आयोजन की तैयारी आईटी सचिव पूजा सिंघल और उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने मुख्यमंत्री के साथ मिलकर की है।
| तारीख | मुख्य फोकस | संभावित गतिविधियां |
|---|---|---|
| 8 जुलाई 2026 | डिजिटल गवर्नेंस, IT और AI | विशेष चर्चा और तकनीकी विमर्श |
| 9 जुलाई 2026 | उद्योग, निवेश और पर्यटन | बड़े औद्योगिक घरानों के साथ MoU पर हस्ताक्षर |
यह आयोजन दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) में राज्य की भागीदारी के बाद निवेश को गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस कार्यक्रम के दौरान कई नए ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किए जाएंगे, जिससे निवेशकों के लिए प्रक्रिया आसान होगी।