UP के Jewar में बनेगा इलेक्ट्रॉनिक्स हब, 40,000 करोड़ के PCB अब भारत में होंगे तैयार

UP/Gautam Buddha Nagar: उत्तर प्रदेश के जेवर में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना सिटी में दो बड़े प्रोजेक

UP/Gautam Buddha Nagar: उत्तर प्रदेश के जेवर में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना सिटी में दो बड़े प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी है। इस पहल से अब भारत में ही उन Printed Circuit Boards (PCBs) का निर्माण होगा, जिन्हें अब तक बाहर से मंगाया जाता था।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि करीब 40,000 करोड़ रुपये मूल्य के PCB अब भारत में बनाए जाएंगे। ये बोर्ड आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सबसे जरूरी हिस्से होते हैं। जेवर में बनने वाली इन फैक्ट्रियों में हाई-टेक मल्टी-लेयर PCB तैयार होंगे, जिनमें पतली संरचना के भीतर 20 से 22 लेयर की सर्किट्री होती है। यह कदम देश को तकनीक के मामले में आत्मनिर्भर बनाने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंटरनेशनल MSME डे के मौके पर इन प्रोजेक्ट्स की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश की पहचान एक बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स हब के रूप में होगी और स्थानीय युवाओं के लिए हजारों नए रोजगार के मौके पैदा होंगे।

इन प्रोजेक्ट्स से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:

कंपनी का नाम निवेश मुख्य काम
Ascent-K Circuit Private Limited ₹3,250 करोड़ हाई-डेंसिटी इंटरकनेक्ट (HDI) PCB का निर्माण
Amber Enterprises India Limited ₹3,500 करोड़ HVAC कंपोनेंट्स और PCB असेंबली

जेवर में यह सुविधा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के तहत मंजूर की गई है। भारत सरकार इसके लिए PLI और SPECS जैसी योजनाओं के जरिए मदद दे रही है। साथ ही, सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए SEZ नियमों में बदलाव किया गया है, जिससे अब कम जमीन में भी फैक्ट्रियां लग सकेंगी। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत भी करीब 760 बिलियन रुपये का वित्तीय समर्थन दिया जा रहा है।

अंबर ग्रुप के सीईओ जसबीर सिंह ने बताया कि भारत फिलहाल सालाना 40,000 करोड़ रुपये के PCB आयात करता है। अब जेवर में इन प्रोजेक्ट्स के शुरू होने से विदेशी निर्भरता कम होगी और उत्तर प्रदेश उत्तर भारत की ‘सिलिकॉन वैली’ के रूप में उभरेगा।