Jewar Airport का असर, Noida और यमुना एक्सप्रेसवे के पास जमीन-मकान की कीमतों में भारी उछाल

UP: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के शुरू होने से पूरे NCR के रियल एस्टेट बाजार की तस्वीर बदल रही है। जेवर एयरपोर्ट अब सिर्फ यात्रियों के आने-जाने का जरिया नहीं रहा, बल्कि इसने आसपास के इलाकों में निवेश और प्रॉपर्टी की

UP: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के शुरू होने से पूरे NCR के रियल एस्टेट बाजार की तस्वीर बदल रही है। जेवर एयरपोर्ट अब सिर्फ यात्रियों के आने-जाने का जरिया नहीं रहा, बल्कि इसने आसपास के इलाकों में निवेश और प्रॉपर्टी की कीमतों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिस तरह IGI एयरपोर्ट ने गुरुग्राम को विकसित किया, वैसा ही असर अब नोएडा और उसके आसपास के क्षेत्रों में दिख रहा है।

जेवर एयरपोर्ट के कारण यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर में प्रॉपर्टी की मांग काफी बढ़ गई है। रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, साल 2020 से 2025 के बीच इस इलाके में अपार्टमेंट्स की कीमतें लगभग तीन गुना तक बढ़ी हैं। वहीं, प्लॉट की कीमतों में भी 1.5 गुना से लेकर कुछ इलाकों में 5 गुना तक की बढ़ोतरी देखी गई है। आने वाले दो सालों में प्लॉट की कीमतों में 28% और अपार्टमेंट्स की वैल्यू में 22% और इजाफा होने की संभावना है।

प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य जानकारियां और असर नीचे दी गई टेबल में देखें:

विवरण जानकारी/असर
कमर्शियल फ्लाइट्स 15 जून 2026 से शुरू (लखनऊ-जेवर रूट)
कार्गो ऑपरेशन 17 जून 2026 से शुरू
जमीन की कीमतों में उछाल पिछले 5 साल में 40% की बढ़त, 2030 तक 50% और बढ़ने का अनुमान
प्लॉट की मांग पिछले 24 महीनों में 3 गुना बढ़ी
लाइसेंस की तारीख DGCA ने 6 मार्च 2026 को लाइसेंस दिया
शुरुआती क्षमता फेज 1 में सालाना 12 मिलियन यात्री

YEIDA अब एयरपोर्ट के पास सेक्टर 18 में एक नई ग्रुप हाउसिंग प्लॉट स्कीम लाने की तैयारी कर रहा है, जिसकी घोषणा अगले वित्तीय वर्ष में हो सकती है। CBRE के अंशुमान पत्रिका और अनरॉक ग्रुप के अनुज पुरी जैसे विशेषज्ञों का कहना है कि एयरपोर्ट के आने से वहां नए उद्योग लगेंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे रहने के लिए मकानों की मांग और बढ़ेगी। इस प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर बनाया गया है, जिसमें Zurich Airport International AG मुख्य ऑपरेटर है और टाटा प्रोजेक्ट्स ने फेज 1 का निर्माण किया है।