Lucknow हादसे के बाद Jaunpur प्रशासन अलर्ट, कोचिंग संस्थानों में चेकिंग अभियान शुरू, कई को नोटिस

Jaunpur: लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार, 22 जून 2026 को एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई थी, जिसमें 14-15 छात्रों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद जौनपुर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिला प्रशासन ने मंगलवार,

Jaunpur: लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार, 22 जून 2026 को एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई थी, जिसमें 14-15 छात्रों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद जौनपुर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिला प्रशासन ने मंगलवार, 23 जून से जिले के कोचिंग संस्थानों में सघन चेकिंग अभियान चलाना शुरू कर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी घटना को रोका जा सके।

चेकिंग के दौरान कई कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा नियमों की भारी अनदेखी मिली। प्रशासन ने पाया कि कई संस्थान बिना फायर एनओसी (Fire NOC) के चल रहे हैं और वहां केवल एक ही एंट्री और एग्जिट पॉइंट है। कुछ कोचिंग तो बेसमेंट में भी संचालित हो रहे हैं, जो छात्रों के लिए बेहद खतरनाक है। लापरवाही बरतने वाले इन संस्थानों को प्रशासन ने तुरंत नोटिस जारी किया है।

जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग से दो दिन के भीतर सभी वैध कोचिंग सेंटरों की लिस्ट मांगी है। एडीएम परमानंद झा और जिला स्कूल निरीक्षक देवेंद्र सिंह इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं। डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वे अवैध कोचिंग सेंटरों और अस्पतालों के खिलाफ अभियान चलाएं। जिला स्कूल निरीक्षक ने साफ किया है कि बिना रजिस्ट्रेशन के चलने वाले संस्थानों के संचालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जौनपुर में केवल 28 कोचिंग सेंटर रजिस्टर्ड हैं, जबकि असल में सैकड़ों संस्थान चल रहे हैं। नियमों के अनुसार, हर क्लास के लिए अलग एंट्री-एग्जिट दरवाजा, हर मंजिल पर दो सीढ़ियां, कम से कम 300 वर्ग मीटर का प्लॉट और प्रति छात्र 4 वर्ग मीटर का एरिया होना जरूरी है। लखनऊ हादसे के बाद अब प्रयागराज, आगरा, मोरादाबाद और मेरठ समेत कई जिलों में भी इसी तरह की चेकिंग शुरू हुई है।

लखनऊ हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौके का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की। इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इस मामले में बिल्डिंग मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।