Mumbai Port का बदलेगा चेहरा, जापान की एजेंसी поможет Waterfront और ट्रांसपोर्ट को आधुनिक बनाने में
Maharashtra: मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) के विकास के लिए अब जापान का साथ मिलेगा। जापान की अर्बन रेनेसां एजेंसी (UR) ने मुंबई पोर्ट के विजन 2047 मास्टर प्लान को पूरा करने के लिए हाथ मिलाने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। इससे
Maharashtra: मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) के विकास के लिए अब जापान का साथ मिलेगा। जापान की अर्बन रेनेसां एजेंसी (UR) ने मुंबई पोर्ट के विजन 2047 मास्टर प्लान को पूरा करने के लिए हाथ मिलाने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। इससे मुंबई के तटीय इलाकों का कायाकल्प होगा और शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बड़े सुधार देखने को मिलेंगे।
इस योजना को लेकर 17 जून 2026 को जापान में एक अहम बैठक हुई। इसमें मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन डॉ. एम. अंगमुथु और जापान की अर्बन रेनेसां एजेंसी के डायरेक्टर जनरल ताकेहिरो उमेज़ु समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। डॉ. एम. अंगमुथु ने बताया कि जापान ने जिस तरह से अपने शहरों और तटों का विकास किया है, वह मुंबई के लिए बहुत काम आएगा। इससे पोर्ट की कार्यक्षमता बढ़ेगी और आम लोगों के लिए वॉटरफ्रंट तक पहुंच आसान होगी।
दोनों संस्थाओं के बीच मुख्य रूप से वॉटरफ्रंट के पुनर्विकास, पोर्ट और शहर के बीच बेहतर तालमेल, अर्बन डिजाइन और मोबिलिटी प्लानिंग पर चर्चा हुई। जापान की यह एजेंसी नॉलेज और डिजाइन प्लानिंग पार्टनर के तौर पर काम कर सकती है। इसमें JICA (जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी) की भी भूमिका हो सकती है।
मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने अपनी कई बड़ी योजनाओं पर चर्चा की, जिनमें ये शामिल हैं:
- महाराष्ट्र शिपबिल्डिंग क्लस्टर का निर्माण
- मरीना और वॉटरफ्रंट का विकास
- एक इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर की स्थापना
- आम जनता के लिए मनोरंजन क्षेत्र (Recreational Spaces)
- पानी के जरिए चलने वाले ट्रांसपोर्ट सिस्टम
बैठक में भविष्य के ट्रांसपोर्ट को लेकर भी बात हुई, जिसमें सेवरी के आसपास प्रस्तावित मेट्रो लाइन 11 के चार स्टेशनों को पोर्ट एरिया से जोड़ने की योजना शामिल है। जापानी टीम ने अपने देश के सफल प्रोजेक्ट्स जैसे योकोहामा मिनातो मिराई 21, उमेकिता ओसाका और सन्नोमिया कोबे के अनुभव साझा किए। अब मुंबई पोर्ट के अधिकारियों को जापान जाकर वहां के प्रोजेक्ट्स को करीब से देखने के लिए आमंत्रित किया गया है।