Japan में शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही, 13 लोगों की मौत और कई लापता

World : जापान के क्यूशू द्वीप पर स्थित कुमामोटो प्रांत में एक शक्तिशाली भूकंप आया जिससे वहां काफी नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बचाव दल अभी भी मलबे में दबे लापत

World : जापान के क्यूशू द्वीप पर स्थित कुमामोटो प्रांत में एक शक्तिशाली भूकंप आया जिससे वहां काफी नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बचाव दल अभी भी मलबे में दबे लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।

यह भूकंप 28 जुलाई 2026 को स्थानीय समय के अनुसार शाम 4:27 बजे आया था। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने इसकी तीव्रता 7.1 मापी, जबकि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसे 6.8 बताया। भूकंप इतना तेज था कि कई इलाकों में अधिकतम तीव्रता 7 महसूस की गई।

तबाही के बीच काशिमा टाउन के Aeon Mall Kumamoto में गैस लीक की वजह से धमाका हुआ, जिसमें 20 साल की दो महिलाओं की जान चली गई और 20 से 30 कर्मचारी अभी भी लापता हैं। वहीं Nippon Paper Industries Yatsushiro Mill की एक चिमनी गिर गई, जिससे कई लोग मलबे में दब गए। अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार करीब 50 लोग घायल हुए हैं और उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

विवरण जानकारी
मृतकों की संख्या कम से कम 13
विस्थापित लोग 9,000 से ज्यादा लोग केंद्रों में हैं
निकासी चेतावनी 2.6 लाख लोगों को सुरक्षित जगह जाने की सलाह
बिजली कटौती 37,000 घरों में बिजली गुल
परिवहन प्रभाव Minami Kyushu Expressway के 26 हिस्से बंद
रेलवे सेवा Kumamoto और Kagoshima के बीच Shinkansen बंद

प्रधानमंत्री Sanae Takaichi ने कहा कि बचाव कार्य समय के खिलाफ एक दौड़ है और सरकार ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाने की पूरी कोशिश करेगी। उन्होंने आपातकालीन आपदा उपाय मुख्यालय बनाया है। मुख्य कैबिनेट सचिव Minoru Kihara ने बताया कि पुलिस, फायर ब्रिगेड, सेल्फ डिफेंस फोर्स और कोस्ट गार्ड मिलकर काम कर रहे हैं। एसडीएफ की 3,600 जवान और 20 विमान तैनात किए गए हैं।

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने अगले एक हफ्ते तक तेज आफ्टरशॉक और भूस्खलन का खतरा जताया है। हालांकि, समुद्र में सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन दो घंटे बाद इसे हटा लिया गया क्योंकि कोई बड़ी लहर नहीं आई। परमाणु नियामक प्राधिकरण ने पुष्टि की है कि Sendai न्यूक्लियर पावर प्लांट समेत तीन पास के परमाणु संयंत्रों में कोई खराबी नहीं आई है।

इलाके में भीषण गर्मी के कारण बिजली और पानी की किल्लत हो गई है, जिससे लोगों को हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।