UP के Jalaun में स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों को मिली फायर सेफ्टी ट्रेनिंग, लखनऊ हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट
Jalaun: लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग अब काफी सतर्क नजर आ रहा है। इसी कड़ी में जालौन के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में कर्मचारियों के लिए अग्निशमन सतर्कता कार्यक्रम आयोजित किया गय
Jalaun: लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग अब काफी सतर्क नजर आ रहा है। इसी कड़ी में जालौन के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में कर्मचारियों के लिए अग्निशमन सतर्कता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस ट्रेनिंग का मकसद अस्पताल के स्टाफ को आग जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार करना है।
सुरक्षा कर्मचारियों की देखरेख में हुए इस जागरूकता कार्यक्रम में स्टाफ को पोर्टेबल अग्निशामक यंत्रों के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्हें समझाया गया कि अलग-अलग तरह की आग के लिए अलग-अलग प्रकार के अग्निशामक यंत्रों का इस्तेमाल किया जाता है। यह पूरी कवायद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उन निर्देशों के बाद हो रही है, जिसमें उन्होंने लखनऊ हादसे को एक सबक बताते हुए प्रदेश के सभी अस्पतालों, नर्सिंग होम और सरकारी भवनों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि फायर सेफ्टी मानकों में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सभी व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग से मिला एनओसी (NOC) स्पष्ट रूप से लगाया जाए। साथ ही, बेसमेंट का इस्तेमाल केवल पार्किंग के लिए हो और बिजली के लोड का सही आकलन किया जाए, ताकि ओवरलोडिंग से आग लगने जैसी घटनाएं न हों।
जालौन जिले में पिछले कुछ दिनों में आग की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे प्रशासन और ज्यादा गंभीर हो गया है। 26 जून को उरई के जिला महिला अस्पताल में बिजली केबल में आग लगी थी, जिसे ओवरलोडिंग का कारण माना गया। इससे पहले 22 जून को कोंच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक खराब एंबुलेंस में भीषण आग लग गई थी। इन घटनाओं और लखनऊ हादसे के बाद अब जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तेजी से सुरक्षा जांच और ट्रेनिंग अभियान चला रहा है।