Punjab: जालंधर के व्यापारियों और उद्योगपतियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के बाजारों तक पहुंच अब पहले से कहीं ज्यादा आसान होने वाली है। दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे और अमृतसर-जम्मू हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
Punjab: जालंधर के व्यापारियों और उद्योगपतियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के बाजारों तक पहुंच अब पहले से कहीं ज्यादा आसान होने वाली है। दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे और अमृतसर-जम्मू हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स से जालंधर के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे से क्या होगा फायदा
NHAI द्वारा बनाए जा रहे 670 किलोमीटर लंबे दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे (NE-5) से जालंधर, लुधियाना और अमृतसर जैसे शहर सीधे जुड़ेंगे। इस 4-लेन एक्सप्रेसवे पर 35,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो रहे हैं। इसके पूरा होने से जम्मू से दिल्ली तक का सफर लगभग 6 घंटे कम हो जाएगा, जिससे माल की ढुलाई तेज होगी और लागत घटेगी। जालंधर और कपूरथला के पैकेज पर काम चल रहा है।
अमृतसर-जम्मू रेल कॉरिडोर और जम्मू में व्यापार के नए नियम
NHSRCL द्वारा अमृतसर और जम्मू के बीच 240 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इससे यात्रा का समय 6 घंटे से घटकर सिर्फ 2.5 घंटे रह जाएगा। साथ ही, जम्मू-कश्मीर में अब कोई भी भारतीय नागरिक औद्योगिक जमीन खरीद सकता है और नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए 130 सेवाएं ऑनलाइन मिल रही हैं, जिससे जालंधर के उद्यमियों के लिए वहां निवेश करना आसान होगा।
कनेक्टिविटी के अन्य बड़े अपडेट्स
जम्मू और कश्मीर के बीच बेहतर संपर्क के लिए कटरा से कुलगाम तक 4-लेन राजमार्ग की डीपीआर तैयार की जा रही है। यह सड़क खराब मौसम में भी साल भर चालू रहेगी। इसके अलावा, दिल्ली में जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाले RRTS कॉरिडोर को मंजूरी मिली है, जिससे जालंधर के व्यापारियों को दिल्ली के एनसीआर बाजार तक पहुंचने में और सुविधा होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे से यात्रा के समय में कितनी कमी आएगी?
इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने से कटरा से दिल्ली तक का समय करीब साढ़े छह घंटे और जम्मू से दिल्ली तक का समय लगभग छह घंटे कम हो जाएगा।
अमृतसर-जम्मू हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से क्या लाभ होगा?
इस कॉरिडोर से अमृतसर और जम्मू के बीच यात्रा का समय 6 घंटे से घटकर 2.5 घंटे रह जाएगा, जिससे व्यापार और पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिलेगा।