Jagannath Rath Yatra 2026: Delhi, UP और Jharkhand समेत कई शहरों में ट्रैफिक अलर्ट, रूट एडवाइजरी जारी
Delhi/UP/Jharkhand: देशभर में 16 जुलाई 2026 को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी। इस मौके पर दिल्ली, कानपुर, बरेली और जमशेदपुर जैसे बड़े शहरों में भारी भीड़ जुटने की संभावना है। प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक व
Delhi/UP/Jharkhand: देशभर में 16 जुलाई 2026 को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी। इस मौके पर दिल्ली, कानपुर, बरेली और जमशेदपुर जैसे बड़े शहरों में भारी भीड़ जुटने की संभावना है। प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष गाइडलाइन जारी की है ताकि आम लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो।
दिल्ली में साउथ दिल्ली के रिंग रोड, आउटर रिंग रोड और अरबिंदो मार्ग जैसे इलाकों में ट्रैफिक प्रभावित रहेगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आईआईटी फ्लाईओवर से एम्स लूप तक के रास्तों पर पाबंदी लगाई है। मेहरौली से नई दिल्ली जाने वाले लोग आउटर रिंग रोड और पंचशील फ्लाईओवर का इस्तेमाल करें। जनकपूरी में 7 किलोमीटर लंबी शोभायात्रा और त्यागराज नगर में तीन रथ निकाले जाएंगे। एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्री समय से पहले निकलें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में 16 जुलाई को दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक ट्रैफिक डायवर्जन रहेगा। वेस्ट जोन में बिठूर तिराहा से आने वाली गाड़ियां इंदिरा नगर रोड की तरफ मुड़ेंगी। सेंट्रल जोन में लाला लाजपत राय अस्पताल और पालीवाल तिराहा से आने वाले वाहन गोल चौराहे और देवकी सिनेमा के रास्ते जाएंगे। वहीं बरेली के सिकलापुर स्थित श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर से यात्रा शुरू होगी, जो तारिखाना रोड, पटेल चौक और सिविल लाइंस होते हुए वापस मंदिर पहुंचेगी।
झारखंड के जमशेदपुर में दोपहर 2 बजे से रात 11 बजे तक भारी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी। बिष्टुपुर मेन रोड और भालुबासा से शीतला मंदिर गोलचक्कर तक का रास्ता पूरी तरह बंद रहेगा। साकची, गोलमुरी और मानगो जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ते तय किए गए हैं। बसों को करंदीह चौक और रेलवे स्टेशन के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।
ओडिशा के पुरी में सबसे बड़े स्तर पर तैयारी की गई है। यहां 30 पार्किंग जोन बनाए गए हैं और सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखी जा रही है। डीजीपी योगेश बहादुर खुरानिया और पुरी कलेक्टर दिव्या ज्योति पारिदा ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। 200 एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं और पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। यह उत्सव 27 जुलाई 2026 को नीलाद्रि बिजे रस्म के साथ समाप्त होगा, जबकि बहुड़ा यात्रा 24 जुलाई को होगी।