ITR filing: अब दो मकानों का किराया दिखाना होगा आसान, ITR-1 और ITR-4 फॉर्म में हुए बड़े बदलाव
Finance: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने असेसमेंट ईयर 2026-27 (फाइनेंशियल ईयर 2025-26) के लिए सभी ITR फॉर्म जारी कर दिए हैं। अब टैक्स भरने वालों के लिए मकान से होने वाली कमाई का हिसाब देना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। ई
Finance: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने असेसमेंट ईयर 2026-27 (फाइनेंशियल ईयर 2025-26) के लिए सभी ITR फॉर्म जारी कर दिए हैं। अब टैक्स भरने वालों के लिए मकान से होने वाली कमाई का हिसाब देना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। ई-फाइलिंग पोर्टल पर ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4 (सुगम) की एक्सेल यूटिलिटीज उपलब्ध करा दी गई हैं।
सीए राजेश खैतान ने बताया कि इस बार ITR-4 (सुगम) और ITR-1 में कुछ जरूरी बदलाव किए गए हैं। अब टैक्सपेयर्स इन फॉर्म्स में अधिकतम दो हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली इनकम की जानकारी दे सकेंगे। पहले ITR-4 में आमतौर पर सिर्फ एक प्रॉपर्टी का विकल्प था, जिससे कई लोगों को मुश्किल होती थी। इसके अलावा, एक नया कॉलम भी जोड़ा गया है जिसमें उस किराए की जानकारी दी जा सकती है जो किरायेदार से वसूल नहीं हो पाया है।
इनकम टैक्स रिटर्न भरने की जरूरी तारीखें और नियम नीचे दिए गए हैं:
| रिटर्न का प्रकार | अंतिम तारीख (Deadline) |
|---|---|
| ITR-1 और ITR-2 (नॉन-ऑडिट केस) | 31 जुलाई 2026 |
| ITR-3 और ITR-4 (नॉन-ऑडिट केस) | 31 अगस्त 2026 |
| ऑडिट वाले केस | 31 अक्टूबर 2026 |
| बिलेटेड (देरी से) रिटर्न | 31 दिसंबर 2026 तक |
| रिवइज्ड रिटर्न | 31 मार्च 2027 तक |
ITR-4 उन लोगों के लिए है जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है और जो इनकम टैक्स एक्ट की धारा 44AD, 44ADA या 44AE के तहत प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम का फायदा लेते हैं। इसमें इंडिविजुअल, HUF और कुछ फर्में शामिल हैं। अगर किसी घर में अलग-अलग यूनिट हैं और मालिक एक में खुद रहता है और दूसरा किराए पर देता है, तो उन्हें अलग-अलग प्रॉपर्टी माना जाएगा और उनके नियम भी अलग होंगे।
जहाँ तक न मिलने वाले किराए (Unrecoverable Rent) की बात है, तो अगर यह पैसा भविष्य में किसी साल मिलता है, तो उसे उसी साल की इनकम मानकर टैक्स लगाया जाएगा, भले ही उस समय तक मालिक के पास वह प्रॉपर्टी न हो।